चंदौली को मिला 1851 मुख्यमंत्री आवास का लक्ष्य: सुस्त रफ्तार पर भड़के परियोजना निदेशक, BDO को अल्टीमेटम

 

चंदौली जिले में गरीबों को पक्की छत देने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1851 आवासों का लक्ष्य मिला है। काम में सुस्ती मिलने पर परियोजना निदेशक ने 30 जून तक डेटा फीडिंग पूरा करने की सख्त चेतावनी दी है।

 
 

जिले को मिला बड़ा आवास लक्ष्य

सुस्त फीडिंग पर बीडीओ को चेतावनी

तीन किस्तों में मिलेंगे रुपये

तीस जून तक का कड़ा अल्टीमेटम

इन पात्र लाभार्थियों को मिलेगा लाभ

चंदौली के ग्रामीण इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियों और कच्चे मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चंदौली जिले को कुल 1851 आवासों का बड़ा लक्ष्य सौंपा गया है। शासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है।

इस बड़े लक्ष्य के मिलने के बाद अब गांवों में गरीब परिवारों को चिन्हित करने और उनके पंजीकरण की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही सभी वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का सीधा लाभ मिल सके।

 परियोजना निदेशक ने दी बीडीओ को दी चेतावनी
शासन से सख्त निर्देश मिलने के बावजूद धरातल पर काम की रफ्तार बेहद सुस्त नजर आ रही है। जिले को मिले भारी-भरकम लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक महज 435 लाभार्थियों की ही ऑनलाइन डेटा फीडिंग कराई जा सकी है। शासन की समीक्षा में यह संख्या काफी कम (लगभग 400 के करीब) दर्ज पाई गई है, जिससे पक्की छत देने का अभियान पिछड़ता दिख रहा है।

काम में इस तरह की लापरवाही और ढीला-ढाला रवैया मिलने पर परियोजना निदेशक बीबी सिंह ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी है कि हर हाल में आगामी 30 जून तक सभी पात्र आवासों की फीडिंग का काम पूरा हो जाना चाहिए। लापरवाही बरतने पर जिले की रैंकिंग खराब होगी और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जानिए क्या हैं पात्रता की शर्तें और किसे मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ समाज के सबसे कमजोर और हाशिए पर मौजूद वर्गों को दिया जाना है। योजना के तहत दिव्यांग, निराश्रित महिला, आश्रय विहीन, बेसहारा और भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा हाथ से मैला ढोने वाले, अनुसूचित जनजाति (ST), अग्निपीड़ित, बाढ़ पीड़ित और कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसी तय पात्रता के आधार पर ही खंड विकास अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन किस्तों में दिए जाएंगे कुल 1.20 लाख रुपये
इस योजना के अंतर्गत चयनित किए गए प्रत्येक लाभार्थी को अपने पक्के आवास के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से कुल 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह पूरी धनराशि सीधे बैंक खाते में तीन अलग-अलग किस्तों के रूप में भेजी जाएगी।

योजना के नियमों के मुताबिक, आवास निर्माण की शुरुआत करने के लिए पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ने पर दूसरी किस्त के रूप में 70 हजार रुपये और अंतिम रूप से काम पूरा होने पर तीसरी किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये लाभार्थी को मिलेंगे।