मॉडल कोर्ट की ओर चंदौली: 5 सितारा सुविधाओं वाला होगा नया एकीकृत न्यायालय परिसर, जानें अन्य 6 जिलों के बजट का हाल
चंदौली में न्यायिक प्रणाली को मजबूती देने के लिए 286 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक न्यायालय भवन का निर्माण हो रहा है। 37 कोर्ट रूम, डिजिटल सिस्टम और बेहतर सुविधाओं के साथ यह परिसर न्याय के मंदिर को नया रूप देगा।
2.86 अरब का स्वीकृत बजट
37 अत्याधुनिक क्लाइमेट कंट्रोल कोर्ट
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल फाइलिंग
वकीलों के लिए सात मंजिला चैंबर
दिव्यांगजनों के लिए रैंप व लिफ्ट सुविधा
चंदौली जनपद की न्यायिक प्रणाली को आधुनिक, समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर के समीप प्रस्तावित 'एकीकृत जिला न्यायालय भवन' न केवल भव्यता का प्रतीक होगा, बल्कि यह मुकदमों के बोझ को कम करने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा।
अत्याधुनिक कोर्ट कक्ष और ढांचागत सुविधाएं
2.86 अरब (286.39 करोड़) रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर का मुख्य आकर्षण इसके 37 अत्याधुनिक कोर्ट कक्ष होंगे। ये कक्ष क्लाइमेट कंट्रोल्ड होंगे, जिससे न्यायाधीशों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही, बढ़ते वादों के दबाव को देखते हुए वाणिज्यिक न्यायालय, फास्ट ट्रैक कोर्ट और ट्रिब्यूनल के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यहाँ डिजिटल फाइलिंग सिस्टम और वीडियो कोर्ट सिस्टम जैसी तकनीकें लागू होंगी, जो मुकदमों के निस्तारण की गति को कई गुना बढ़ा देंगी।
अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए पांच सितारा सुविधाएं
न्यायालय की कार्यकुशलता अधिवक्ताओं पर निर्भर करती है, इसे ध्यान में रखते हुए वकीलों के लिए पृथक चैंबर और महिला वकीलों के लिए विशेष बार भवन का निर्माण किया जाएगा। परिसर में पक्षकारों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय, कैंटीन, पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था होगी। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा और फायर सेफ्टी के आधुनिकतम इंतजाम होंगे।
दिव्यांगजनों और समावेशी न्याय पर जोर
इस नए परिसर को पूरी तरह से समावेशी बनाया गया है। दिव्यांगजनों की सुगमता के लिए हर फ्लोर पर रैंप और लिफ्ट की सुविधा होगी। प्रशासन एवं न्यायाधीशों के लिए आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ यहाँ खेल और प्रशिक्षण स्थल भी प्रस्तावित हैं।
छह जनपदों के कोर्ट निर्माण का तुलनात्मक विश्लेषण
उत्तर प्रदेश सरकार ने चंदौली के साथ-साथ पांच अन्य जनपदों में भी न्यायालय भवनों को स्वीकृति दी है। चंदौली का बजट क्षेत्रफल के अनुपात में काफी प्रभावी है:
जिला कोर्ट की संख्या क्षेत्रफल (एकड़) स्वीकृत बजट (करोड़ में)
- महोबा 37 51.90 287.42
- चंदौली 37 20.79 286.39
- औरैया 37 44.47 278.66
- अमेठी 37 29.58 220.03
- शामली 23 49.50 240.22
- हाथरस 44 47.89 322.03
समस्याओं का होगा स्थायी समाधान
वर्तमान में स्थान की कमी के कारण न्यायिक कार्यों में आने वाली व्यावहारिक बाधाएं अब समाप्त होंगी। रिकॉर्ड रूम और बहुस्तरीय पार्किंग की व्यवस्था से परिसर में भीड़भाड़ कम होगी। यह एकीकृत मॉडल न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी और जनता के प्रति अधिक जवाबदेह बनाएगा।