UP के स्कूलों में चंदौली में मास्टर ट्रेनिंग शुरू: चंदौली BRC में क्लस्टर सोशल ऑडिटर्स को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

 

उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्था सुधारने के लिए चंदौली में क्लस्टर सोशल ऑडिटर्स का प्रशिक्षण आयोजित हुआ। अब ऑडिट टीम अभिभावकों और शिक्षकों के फीडबैक के आधार पर स्कूलों का मूल्यांकन करेगी।

 
 

सोशल ऑडिट शुरू करने वाला 10वाँ राज्य बना यूपी

परिषदीय और कस्तूरबा विद्यालयों का होगा मूल्यांकन

गोरखपुर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण

कमियों को दूर करने के लिए सरकार उठाएगी कदम

उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा के स्तर को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 'सोशल ऑडिट' की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में राज्य परियोजना कार्यालय (समग्र शिक्षा) और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चंदौली जनपद के ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर बुधवार, 08 अप्रैल 2026 को क्लस्टर सोशल ऑडिटर टीम का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

यूपी बना सोशल ऑडिट करने वाला देश का 10वाँ राज्य
प्रशिक्षण के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया कि उत्तर प्रदेश भारत का वह 10वाँ राज्य बन गया है, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में सोशल ऑडिट कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। इस विशाल परियोजना के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय को प्रदेश के 16 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चंदौली में यह कार्यक्रम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री सचिन कुमार के कुशल मार्गदर्शन और प्रभारी जिला समन्वयक (सामुदायिक सहभागिता) श्री आनंद कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ।

छात्र, अभिभावक और शिक्षकों का होगा सीधा मूल्यांकन
विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि श्री शशिकांत तिवारी ने बताया कि इस सोशल ऑडिट प्रक्रिया में मुख्य रूप से परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया है। ऑडिट टीम सीधे तौर पर स्कूलों में जाकर छात्रों, उनके अभिभावकों और अध्यापकों से संवाद करेगी और विद्यालय की व्यवस्थाओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करेगी। मूल्यांकन के दौरान जो भी खामियां या उपलब्धियां उजागर होंगी, उन पर सरकार द्वारा भविष्य में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि बुनियादी शिक्षा की स्थिति को सुधारा जा सके।

मास्टर ट्रेनर्स ने दी बारीकियों की जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर बिट्टू कुमार ने प्रतिभागियों को सोशल ऑडिट की तकनीकी बारीकियों और डेटा संकलन के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। डेमो (प्रायोगिक प्रदर्शन) के माध्यम से ऑडिटर्स को यह सिखाया गया कि क्षेत्र में जाकर किस तरह से पारदर्शी तरीके से जानकारी जुटानी है। इस पूरे कार्यक्रम को समाजशास्त्र विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉक्टर अनुराग द्विवेदी का बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में कुल 25 क्लस्टर सोशल ऑडिटर्स (CSA) ने हिस्सा लिया, जिनमें समीक्षा जी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशिक्षक व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब यह टीमें धरातल पर उतरकर जनपद के विद्यालयों का ऑडिट कार्य शुरू करेंगी।