नकली और प्रतिबंधित कीटनाशकों पर बड़ी कार्रवाई: 26 दुकानों पर छापेमारी, 8 सैंपल लेकर 10 को मिला नोटिस
चंदौली में नकली कीटनाशकों की बिक्री रोकने के लिए कृषि विभाग ने 26 दुकानों पर औचक छापेमारी की है। नियमों की अनदेखी पर 10 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 8 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
26 कीटनाशक दुकानों पर छापेमारी
नियमों के उल्लंघन पर नोटिस
आठ कीटनाशक सैंपल किए सील
जिला कृषि रक्षा अधिकारी की चेतावनी
किसानों को पक्का बिल देना अनिवार्य
चंदौली जिले में नकली, घटिया और प्रतिबंधित कृषि रसायनों की बिक्री को रोकने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आदेश पर गठित तीन अलग-अलग टीमों ने जनपद की तीन प्रमुख तहसीलों में एक साथ 26 कीटनाशक दुकानों पर औचक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से नकली और कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
इन तीन तहसीलों में हुई सघन जांच
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि किसानों को असली और गुणवत्तापूर्ण कृषि रक्षा रसायन (दवाइयां) दिलाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया। इसके लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं:--
1-सकलडीहा तहसील: उप कृषि निदेशक (कीटनाशी निरीक्षक) के नेतृत्व में जांच की गई।
2-सदर तहसील: जिला कृषि रक्षा अधिकारी के नेतृत्व में दुकानों को खंगाला गया।
3-चकिया तहसील: वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-A (कृषि रक्षा) की देखरेख में कार्रवाई हुई।
10 बड़े प्रतिष्ठानों को मिला कारण बताओ नोटिस
जांच के दौरान कीटनाशी अधिनियम 1968 के नियमों का उल्लंघन करने और मानकों की अनदेखी पाए जाने पर 10 दुकानों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है। इनमें मेसर्स ओम बीज भंडार, संदीप बीज भंडार, आर.एन. बीज भंडार, कृषक बीज भंडार, कृष्ण बीज भंडार, हरि बीज भंडार, चकिया किसान बीज भंडार, न्यू कृषि सेवा केंद्र चकिया, किसान सेवा केंद्र नौबतपुर और मेसर्स कांता किसान सेवा सेंटर सैयदराजा शामिल हैं। इसके साथ ही संदेह के आधार पर 8 कीटनाशकों के सैंपल सील कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
कृषि अधिकारी की दुकानदारों को सख्त चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने सभी दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) अथॉरिटी के रसायनों का क्रय-विक्रय करने वालों पर सीधा केस दर्ज होगा। सभी दुकानदारों को तुरंत IPMS पोर्टल पर अपने स्टॉक की जानकारी फीड करनी होगी, दुकान में लाइसेंस डिस्प्ले करना होगा और एक्सपायर्ड दवाओं के लिए एक अलग 'एक्सपायरी कॉर्नर' बनाना होगा। सबसे जरूरी बात, किसानों को हर खरीद पर पक्का कैश मेमो (बिल) देना अनिवार्य है, ऐसा न करने पर सीधे लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।