श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, दुर्गा दत्त तिवारी ने फहराया तिरंगा
सैयदराजा स्थित श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं ने संस्कृत श्लोक, देशभक्ति गीत और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया।
श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला में ध्वजारोहण
पूर्व प्रधानाचार्य दुर्गा दत्त तिवारी ने फहराया तिरंगा
संस्कृत श्लोकों और गीतों की शानदार प्रस्तुति
बच्चों को भारतीय संस्कृति संरक्षण का संदेश
चंदौली जिले के सैयदराजा स्थित श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा महाविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा और चारों तरफ देशभक्ति का रंग देखने को मिला।
पूर्व प्रधानाचार्य ने किया ध्वजारोहण, गूंजा राष्ट्रगान
समारोह का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय परिसर में मुख्य ध्वजारोहण के साथ हुआ। गांव के वरिष्ठ नागरिक और पूर्व प्रधानाचार्य श्री दुर्गा दत्त तिवारी ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने एक सुर में राष्ट्रगान और ध्वज गीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल में देशभक्ति का भाव जगा दिया।
संस्कृत श्लोकों और रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक, देशभक्ति गीत और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छोटे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक संदेशों को बेहद खूबसूरती से सभी के सामने रखा।
शिक्षकों ने दिया उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद
विद्यालय के समन्वयक विनय तिवारी ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें आगे भी शैक्षिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं अध्यापक बंशीधर द्विवेदी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम की सफलता में अध्यापिका ज्योति पांडेय, किरण पांडेय, स्नेहलता और व्यवस्थापिका संविदा की अहम भूमिका रही।
संस्कृति और देश की एकता बनाए रखने का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को 15 अगस्त के ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को देश की एकता, अखंडता और अपनी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान स्कूल के सभी शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग पूरे उत्साह के साथ मौजूद रहे।