दो मांगों को लेकर डीएम से मिले पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, दी आंदोलन की चेतावनी
चंदौली में स्मार्ट मीटर और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले सपा नेताओं पर दर्ज मुकदमे के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है।
सपा नेताओं पर मुकदमे से गरमाई सियासत
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने संभाली कमान
9 नामजद और 250 अज्ञात पर केस
स्मार्ट मीटर और महंगाई का था विरोध
सिविल बार संगठन ने भी दिया समर्थन
चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सोमवार को सपा अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा। नेताओं ने प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बीते 19 जून को स्मार्ट मीटर की मनमानी, लगातार बढ़ती महंगाई और आम जनता से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों को लेकर जिला मुख्यालय पर पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। सपा नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने जबरन मनगढ़ंत कहानियां और झूठे तथ्य बनाकर पार्टी कार्यकर्ताओं पर यह दुर्भावनापूर्ण मुकदमा दर्ज किया है, जो पूरी तरह गलत है।
सपा नेताओं पर मुकदमे से गरमाई सियासत
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 22, 2026
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने संभाली कमान
9 नामजद और 250 अज्ञात पर केस
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सीओ के व्यवहार पर उठाए सवाल, जांच की मांग
मामले को लेकर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सीधे तौर पर सदर क्षेत्राधिकारी (CO) को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन के दौरान सदर सीओ के अभद्र व्यवहार और अड़ियल रवैये के कारण ही वहां विवाद की स्थिति पैदा हुई थी। प्रशासन ने अपनी गलती छिपाने के लिए एकतरफा कार्रवाई करते हुए सपा के 9 नामजद नेताओं और करीब 250 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया है। इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच बेहद जरूरी है।
वकीलों का मिला साथ, डीएम ने दिया आश्वासन
इस सियासी विवाद में अब सपा नेताओं को वकीलों का भी खुला समर्थन मिल गया है। सिविल बार संगठन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह ने सपा नेताओं की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी निजी फायदे के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हक के लिए था। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले का खुद संज्ञान लेने और तत्काल सभी धाराओं को हटाकर मुकदमा खत्म करने की अपील की है। प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है, जिसके बाद विपक्ष के तेवर और कड़े हो गए हैं।