DM साहब हमारा घर बचा लीजिए: रिंग रोड के खिलाफ जिलाधिकारी के पास पहुंचे तेजोपुर के ग्रामीण

 

 चंदौली के तेजोपुर गांव में प्रस्तावित रिंग रोड के कारण ग्रामीणों के आशियाने पर संकट मंडरा रहा है। बेघर होने के डर से ग्रामीणों ने डीएम से एलाइनमेंट में मामूली बदलाव कर घर बचाने की भावुक अपील की है।

 
 

रिंग रोड प्रोजेक्ट से घरों पर संकट

तेजोपुर ग्रामीणों की डीएम से गुहार

एलाइनमेंट दक्षिण दिशा में बदलने की मांग

बेघर होने के डर से मचा हड़कंप

चंदौली में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए रिंग रोड का काम प्रस्तावित है, लेकिन इसी प्रोजेक्ट ने तेजोपुर गांव के कई परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव के ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहाँ उन्होंने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मिलकर अपना दुखड़ा सुनाया और एक ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों का कहना है कि रिंग रोड का जो वर्तमान नक्शा यानी एलाइनमेंट तैयार किया गया है, उसकी चपेट में उनके पुस्तैनी घर आ रहे हैं। अगर सरकार इन मकानों का अधिग्रहण कर लेती है, तो उनके पास सिर छुपाने के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।

'बेघर हो जाएंगे हम', ग्रामीणों का छलक उठा दर्द
ग्रामीण बाबूलाल, राम आसरे और जितेंद्र ने बताया कि वे तेजोपुर गांव के मूल निवासी हैं। उनकी आराजी संख्या-35 में स्थित आवासीय मकान प्रस्तावित रिंग रोड की जद में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा कि यदि उनके मकान तोड़ दिए गए, तो उनका पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा। उनके सामने न केवल रहने की समस्या होगी, बल्कि भविष्य में जीवन-यापन का भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से अपने आशियाने बनाए हैं, जिन्हें खोने का डर उन्हें सता रहा है।

एलाइनमेंट में मामूली बदलाव की उठी मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के सामने एक ठोस समाधान भी रखा है। उन्होंने मांग की है कि प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट को थोड़ा सा दक्षिण दिशा की ओर खिसका दिया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके मकानों के दक्षिण दिशा में कोई अन्य आवासीय भवन या घर नहीं बना है। अगर एलाइनमेंट में यह आंशिक बदलाव किया जाता है, तो उनके घर सुरक्षित बच जाएंगे। इससे न तो किसी का आशियाना उजड़ेगा और न ही रिंग रोड के निर्माण कार्य पर कोई बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर इस मामले को देखने की अपील की है।

प्रशासन के फैसले पर टिकी सबकी निगाहें
ग्रामीणों ने प्रशासन से साफ कहा है कि यदि बिना किसी संशोधन के उनके घरों का अधिग्रहण किया गया, तो उनके सामने बड़ा सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से उचित निर्णय लेने की गुहार लगाई है ताकि विकास भी हो और गरीब का घर भी बच सके।  

अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका सबसे अहम हो गई है। तेजोपुर के ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी बात को गंभीरता से लेगा और एलाइनमेंट में सुधार कर उनके घरों को सुरक्षित रखेगा। फिलहाल, गांव वालों की निगाहें सरकारी आदेश पर टिकी हुई हैं।