वीरासराय पंप कैनाल की नहरों में सफाई कार्य शुरू, बरहनी में ड्रेन खुदाई की मांग तेज

चंदौली के बरहनी ब्लॉक में सिंचाई संकट दूर करने के लिए वीरासराय पंप कैनाल की नहरों की सफाई युद्ध स्तर पर जारी है। दूसरी ओर, जलभराव से परेशान किसानों ने ड्रेन खुदाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

 
 

वीरासराय पंप कैनाल की नहरों से सिल्ट सफाई शुरू

सिंचाई का पानी बर्बाद होकर वापस गंगा में जाने से रुकेगा

बरहनी के आधा दर्जन गांवों में गंभीर जलभराव की समस्या

ड्रेन खुदाई के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई पूरी: एसडीओ राजेश यादव

मई महीने में कार्य शुरू न होने पर किसान करेंगे आंदोलन

चंदौली जिले के बरहनी विकासखंड के किसानों के लिए सिंचाई और जलभराव की दोहरी चुनौतियों के बीच प्रशासन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिले के महत्वपूर्ण वीरासराय पंप कैनाल से जुड़ी नहरों की सफाई का कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। वर्षों से जमा सिल्ट और गाद के कारण जो पानी किसानों के खेतों की प्यास बुझाने के बजाय व्यर्थ बह जाता था, अब उसे सुरक्षित अंतिम छोर तक पहुंचाने की तैयारी है।

नहरों की सफाई से खत्म होगा सिंचाई का संकट
वीरासराय पंप कैनाल से निकलने वाली नहरों की स्थिति लंबे समय से दयनीय बनी हुई थी। नहरों में अत्यधिक गाद जमा होने के कारण कैनाल द्वारा पंप किया गया पानी खेतों तक नहीं पहुंच पाता था और दबाव के चलते वापस गंगा नदी में गिर जाता था। इससे किसानों को न केवल पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा था, बल्कि पंपिंग में होने वाले खर्च और संसाधनों की भी बर्बादी हो रही थी।

ग्रामीण धीरेंद्र सिंह, आशीष सिंह, नवीन सिंह और रामाश्रय सहित अन्य किसानों ने इस ज्वलंत समस्या को लेकर सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष बार-बार गुहार लगाई थी। किसानों की इस जायज मांग को गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के अवर अभियंता सुनील यादव के कुशल निर्देशन में नहरों की खुदाई और गाद हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में मजदूरों की बड़ी टीम नहरों के भीतर जमा मलबे को साफ कर रही है। इस पहल से आगामी खरीफ और रबी सीजन में फसलों के उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

बरहनी में ड्रेन खुदाई की मांग को लेकर किसानों में रोष
एक तरफ जहाँ नहरों की सफाई से संतोष है, वहीं दूसरी ओर बरहनी विकासखंड में जलभराव की समस्या को लेकर किसान बेहद मुखर हो गए हैं। ड्रेन (नालों) की वर्षों से सफाई न होने के कारण आधा दर्जन गांवों के हजारों एकड़ खेत जलमग्न होने की कगार पर हैं। किसानों का आरोप है कि ड्रेन में अवरोध होने की वजह से बरसात के समय खेतों में पानी जमा हो जाता है, जिससे हर साल उनकी लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो जाती है।

किसान दरोगा राय, टुनटुन राय, प्रिंस राय और निक्कू ने बंधी डिवीजन के अधिकारियों से फोन पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए जल्द से जल्द ड्रेन खुदाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि मई माह के भीतर ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। किसानों के अनुसार, पिछले वर्षों में भी प्रशासन की सुस्ती की वजह से खेती को अपूरणीय क्षति हुई थी।

मिल रहा है केवल प्रशासनिक आश्वासन
किसानों के बढ़ते आक्रोश और मांग पर बंधी डिवीजन के एसडीओ राजेश यादव ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि ड्रेन की खुदाई और सफाई के लिए आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग जल्द ही धरातल पर काम शुरू करने जा रहा है, जिससे किसानों को जलभराव की समस्या से स्थाई निजात मिल सके।

इस दोहरी कार्रवाई से चंदौली के किसानों को उम्मीद जगी है कि इस साल उन्हें न तो सूखे की मार झेलनी पड़ेगी और न ही जलभराव की समस्या उनकी मेहनत पर पानी फेरेगी।