'जान दे देंगे जमीन नहीं देंगे', विंध्य एक्सप्रेसवे विरोध के बीच प्रशासन ने किसानों को भेजा वार्ता का न्योता

 

विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की 'किसान क्रांति खेती बचाओ यात्रा' के दूसरे दिन गांवों में जोरदार समर्थन मिला। 22वें दिन भी धरना जारी रहा और प्रशासन ने किसानों को बातचीत का आमंत्रण भेजा है।

 
 

अनिश्चितकालीन धरने का 22वां दिन

किसान क्रांति यात्रा का दूसरा दिन

10 अगस्त को बिछिया में किसान पंचायत

प्रशासन ने भेजा बातचीत का प्रस्ताव

जान दे देंगे पर जमीन नहीं देंगे

चंदौली जिले में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 22वें दिन भी जारी रहा। इस बीच मोर्चा द्वारा आयोजित 'किसान क्रांति खेती बचाओ यात्रा' के दूसरे दिन किसानों का गुस्सा साफ देखने को मिला। यह पदयात्रा परेवा के दुर्गा मंदिर से शुरू होकर क्रमशः बट्ठी, चारी, चिरईगांव, महूजी, रामपुर, बरहनी, लक्षिमनपुर, बसौड़ी और ओयर चक तक निकाली गई।

गांव-गांव में यात्रा का जोरदार स्वागत, किसानों ने दिए तीखे बयान
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि हर गांव में किसान क्रांति यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है। जिन गांवों की जमीन इस प्रोजेक्ट में नहीं जा रही है, वहां के किसान भी एक्सप्रेसवे का विरोध कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला, सेरुका से राजाबाजार ग्रीनफील्ड और विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से क्षेत्र में कई दीवारें खड़ी हो जाएंगी, जिससे बाढ़ का पानी कैसे निकलेगा? किसानों ने साफ कहा, "यह लड़ाई नस्ल और फसल बचाने की है, हम जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।"

10 अगस्त को बिछिया में होगी बड़ी 'किसान क्रांति पंचायत'
मोर्चा द्वारा सभी किसानों से अपील की गई है कि वे 10 अगस्त को बिछिया धरना स्थल पर होने वाली 'किसान क्रांति पंचायत' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। इस पंचायत में सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

किसानों ने जनप्रतिनिधियों से सवाल किया है कि वे स्पष्ट करें कि विंध्य एक्सप्रेसवे जिले के लिए वरदान है या अभिशाप। गांवों में हुई सभाओं को अशोक सिंह, श्रवण मौर्या, मणि देव चतुर्वेदी, राम प्यारे और किसान नेता अन्ना हजारे ने संबोधित किया, जबकि संचालन राम नारायण यादव ने किया।

प्रशासन ने भेजा वार्ता का न्योता, कल इन गांवों से गुजरेगी यात्रा
संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि प्रशासन ने किसान प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं पर बातचीत करने का प्रस्ताव भेजा है। इस पर संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया है कि वे जल्द ही वार्ता का मसौदा प्रशासन को भेजेंगे।

इस यात्रा में अशोक सिंह, राम नारायण यादव, किसान नेता अन्ना हजारे, श्रवण मौर्या, राम प्यारे, डॉ. राजीव मौर्या, जिऊत मौर्या, अंगद मौर्या, राम प्यारे सैनी, बाबू लाल यादव, जीतेंद्र सिंह, परमहंस यादव और नरेंद्र सिंह सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। मंगलवार को यह यात्रा सोनडेहरा, भतीजा, मगरही, विजय नारायण पुर, फत्तेपुर कला और बुझारत की मड़ई से होकर गुजरेगी।