चंदौली में NHM संविदा चुनाव में धांधली का आरोप, महिला कर्मी ने खोली पोल

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चंदौली स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम संविदा कर्मियों के जीआरसी कमेटी चुनाव को लेकर घमासान मच गया है। महिला कर्मचारी पूनम यादव ने बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर चुनाव कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

 
 

चंदौली एनएचएम संविदा चुनाव में धांधली के आरोप

महिला कर्मचारी पूनम यादव ने उठाए गंभीर सवाल

बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कराया गया चुनाव

मतदान और मतगणना की प्रक्रिया में अनदेखी का दावा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने झाड़ा पल्ला

चंदौली जिले से स्वास्थ्य विभाग के भीतर का एक बड़ा विवाद सामने आ रहा है। यहाँ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों के बीच गठित होने वाली जीआरसी कमेटी के चुनाव को लेकर तनातनी शुरू हो गई है। सीएमओ कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी ने इस पूरी चुनाव प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिला कर्मचारी ने लगाए धांधली के आरोप
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारी पूनम यादव ने इस चुनाव को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि जीआरसी कमेटी के गठन के नाम पर जो चुनाव कराए गए हैं, उनमें नियमों की जमकर अनदेखी की गई है। पूनम यादव के अनुसार, इस पूरे चुनावी खेल में पारदर्शिता का नामोनिशान नहीं था।

बिना अनुमति और नियमों के हुआ मतदान
शिकायतकर्ता पूनम यादव का कहना है कि इस कमेटी के चुनाव के लिए विभाग के सक्षम अधिकारी से कोई लिखित या औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि न तो मतदान सही तरीके से हुआ और न ही मतगणना में नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विभाग के ही कुछ डॉक्टरों और बाबूओं की भूमिका पर भी उंगली उठाई है।

निष्पक्ष जांच के लिए लामबंद हुए संविदा कर्मी
महिला कर्मचारी का साफ कहना है कि इस चुनाव में कई स्तरों पर बड़ी गड़बड़ियां और अनियमितताएं की गई हैं। इस धांधली के विरोध में उन्होंने विभाग के अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर पूरे मामले की एक निष्पक्ष जांच कराने की मांग बुलंद की है। इस विवाद के सामने आने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों के बीच सुगबुगाहट और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

मामले पर CMO का बड़ा बयान
इस पूरे चुनावी घमासान और हंगामे पर जब चंदौली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। सीएमओ ने कहा कि उनके दफ्तर या विभाग में ऐसा कोई भी चुनाव कराया गया है, इसकी उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है। उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है और पूरी सच्चाई जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।