चंदौली में शराबियों व हुड़दंगियों की खैर नहीं, विशेष चेकिंग अभियान शराब पीने वाले  76 लोग गिरफ्तार

 

चंदौली पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में 76 लोगों पर शिकंजा कसा गया है। पूरी रिपोर्ट के लिए पढ़ें...

 
 

सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों पर कार्रवाई

शराब की दुकानों के पास सघन चेकिंग अभियान

नशे के खिलाफ पुलिस ने दी कड़ी चेतावनी

हुड़दंगियों और स्टंटबाजों के खिलाफ पुलिस की सख्ती

चंदौली जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्थलों पर अराजकता रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पुलिस ने शराब की दुकानों के पास और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वाले कुल 76 लोगों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई वाराणसी जोन के उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई
अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, पीयूष मोर्डिया और पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वैभव कृष्ण द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे और अपर पुलिस अधीक्षक (सदर) अनन्त चन्द्रशेखर (IPS) ने इस अभियान की रूपरेखा तैयार की। जिले के समस्त क्षेत्राधिकारियों के मार्गदर्शन में थानों की पुलिस ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया।

नशेबाजों और हुड़दंगियों पर पैनी नजर
पुलिस टीमों ने उन स्थानों पर विशेष चेकिंग की जहां अक्सर खुले में शराब पीने, जुआ खेलने, बाइक स्टंट दिखाने या महिलाओं से छेड़खानी करने की शिकायतें मिलती थीं। अभियान के दौरान न केवल शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा गया, बल्कि अवैध अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता फैलाने वालों को भी सख्त चेतावनी दी गई। 09 मार्च 2026 को चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस ने धारा 292 BNS के तहत 76 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की।

कार्रवाई के साथ जागरूकता का संदेश
चंदौली पुलिस का यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। पुलिस टीम पकड़े गए लोगों और उनके परिजनों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक भी कर रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि मादक पदार्थों का सेवन न केवल आर्थिक और शारीरिक रूप से नुकसानदेह है, बल्कि इससे सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी गहरा आघात लगता है। पुलिस का उद्देश्य लोगों को सुधार की राह पर लाना है ताकि एक भयमुक्त और सभ्य समाज का निर्माण हो सके।