चंदौली पुलिस को रटा-रटाया पाठ पढ़ा गए DIG वैभव कृष्ण,  ऐसा है 'जीरो फैटालिटी' और अपराध मुक्त जिले के लिए DIG का मास्टर प्लान

 

वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने चंदौली में कानून-व्यवस्था की बड़ी समीक्षा बैठक की। उन्होंने अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने, अवैध संपत्ति जब्त करने, भू-माफियाओं पर कार्रवाई और 'जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट' योजना को कड़ाई से लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

 
 

गैंगस्टर एक्ट में अवैध संपत्ति होगी जब्त

गंभीर वांछित अपराधियों की जल्द होगी गिरफ्तारी

भू-माफियाओं और तस्करों पर कड़ा एक्शन प्लान

'जीरो फैटालिटी' से रुकेंगी सड़क दुर्घटनाएं

साइबर अपराध रोकने को हेल्पलाइन 1930 सक्रिय

चंदौली जिले में अपराध नियंत्रण के लिए हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी)  वैभव कृष्ण ने 19 मई 2026 को चन्दौली जिले का दौरा कर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना था।

गैंगस्टर एक्ट और माफियाओं की संपत्ति पर कड़ा प्रहार 
डीआईजी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद में चिन्हित माफियाओं और शातिर अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से 'गैंगस्टर एक्ट' की धारा 14(1) का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को चिन्हित कर उसे जब्त किया जाए। इसके अलावा गुंडा अधिनियम के तहत भी अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने पर बल दिया गया ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे।

महिलाओं की सुरक्षा और वांछितों की धरपकड़
 गंभीर अपराधों जैसे हत्या, लूट और बलात्कार के मामलों में फरार चल रहे अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस को कड़े निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'मिशन शक्ति' केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने और ITSSO पोर्टल के माध्यम से लैंगिक अपराधों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिग बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर परिणामोन्मुखी कार्य किया जाए।

भू-माफिया, गौ-तस्करी और नशाखोरी पर जीरो टॉलरेंस 
बैठक में भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने और वर्ष 2017 के बाद सरकारी जमीनों से हटाए गए कब्जों की पुनः समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। अवैध जुआ, शराब तस्करी और विशेष रूप से गौ-तस्करी में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं
। पुलिस अब इन तस्करों के वित्तीय नेटवर्क और 'फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक' की पहचान कर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त करने का काम करेगी।

आधुनिक पुलिसिंग और जन-शिकायतों का समाधान 
तकनीकी पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए 'यक्ष एप', 'ई-साक्ष्य' और 'ई-समन' के नियमित उपयोग की बात कही गई। साइबर अपराधों से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार करने और पीड़ितों की फ्रीज हुई धनराशि को वापस दिलाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही, आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

सड़क सुरक्षा और दंगा रोधी तैयारियों का निरीक्षण
 जनपद को 'जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट' (ZFD) बनाने के संकल्प के साथ सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक के बाद डीआईजी ने स्वयं सभी थाना प्रभारियों के दंगा रोधी उपकरणों की भौतिक जांच की और आपातकालीन स्थितियों में उनके त्वरित उपयोग के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।