साइबर अपराध पर लगाम लगाने में चंदौली पुलिस नंबर-1, 86.71% अंकों के साथ पायी पहली रैंक
साइबर ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने में चंदौली पुलिस ने उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। जनवरी 2026 में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस ने पीड़ितों के लाखों रुपये डूबने से बचा लिए हैं।
उत्तर प्रदेश में चंदौली पुलिस प्रथम
86.71 प्रतिशत अंकों के साथ शीर्ष स्थान
नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर त्वरित कार्रवाई
52 लाख से अधिक की राशि होल्ड
ठगी की 333 शिकायतों का निस्तारण
चंदौली जिले में तकनीकी युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में जनपद चंदौली पुलिस ने प्रदेश स्तर पर गौरवशाली सफलता प्राप्त की है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में चंदौली पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण के मामले में 86.71% अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि पुलिस की तकनीकी कार्यकुशलता और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही का जीवंत उदाहरण है।
एसपी आदित्य लांग्हे के कुशल निर्देशन में मिली सफलता
यह ऐतिहासिक उपलब्धि पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य लांग्हे के कुशल मार्गदर्शन और अपर पुलिस अधीक्षक (IPS) अनन्त चंद्रशेखर के प्रभावी पर्यवेक्षण का परिणाम है। जनपद की साइबर सेल टीम ने 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (NCCRP) के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों पर बिना समय गंवाए कार्रवाई की। पुलिस की इस सक्रियता ने न केवल अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।
लाखों की ठगी को रोककर पीड़ितों को दी राहत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के महीने में जनपद में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित कुल 333 शिकायतें दर्ज की गईं। इन मामलों में साइबर ठगों ने आम नागरिकों से लगभग 60,11,000 रुपये की बड़ी राशि हड़प ली थी। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने तत्काल बैंक और संबंधित वित्तीय संस्थानों से संपर्क साधा, जिसके परिणामस्वरूप ठगी गई कुल राशि में से 52,12,000 रुपये समय रहते होल्ड करा दिए गए। पुलिस की इस मुस्तैदी से सैकड़ों परिवारों की मेहनत की कमाई डूबने से बच गई।
आमजन के लिए जरूरी सलाह और अपील
साइबर सेल प्रभारी मिर्ज़ा रिज़वान बेग ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए जनता से अपील की है कि वे जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के साथ भी साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो वे तुरंत 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
चंदौली पुलिस अब साइबर अपराधियों के विरुद्ध और भी अधिक कड़े अभियान चलाने और तकनीकी रूप से पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।