Chandauli Police Action: "ऑपरेशन बचपन" के तहत चंदौली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ईंट भट्ठों से मुक्त कराए गए 6 मासूम बाल श्रमिक

 

चंदौली पुलिस ने 'ऑपरेशन बचपन' के तहत ईंट भट्ठों पर छापेमारी कर 06 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम की बेड़ियों से मुक्त कराया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से अवैध रूप से बच्चों से मजदूरी कराने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है।

 
 

 मुगलसराय के ईंट भट्ठों पर छापेमारी

 ऑपरेशन बचपन के तहत 06 बच्चे मुक्त

 मिशन शक्ति फेज-5.0 की बड़ी सफलता

 भट्ठा संचालकों पर मुकदमा दर्ज

 एएचटीयू और बाल श्रम विभाग की कार्रवाई

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु संचालित "मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0" के तहत चंदौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के कुशल निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन बचपन अभियान" के दौरान मुगलसराय थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठों पर काम कर रहे 06 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया।

भट्ठों पर छापेमारी और रेस्क्यू
अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चन्द्रशेखर एवं क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एएचटीयू (AHTU) प्रभारी निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह और बालश्रम अधिकारी चन्द्रप्रकाश की संयुक्त टीम ने ग्राम रौना स्थित दो ईंट भट्ठों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने पाया कि 6 नाबालिग बच्चे भारी काम और धूल के बीच मजदूरी कर रहे थे। पुलिस ने तत्काल सभी बच्चों को रेस्क्यू किया और उनके परिजनों को कड़ी हिदायत देते हुए बच्चों को उन्हें सौंप दिया।

भट्ठा संचालकों पर कानूनी शिकंजा
इस अमानवीय कृत्य के विरुद्ध बालश्रम अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों के विरुद्ध चाइल्ड लेबर अधिनियम की धारा 8, 9(2) और नियम 11 व 16 के तहत विधिक प्रक्रिया प्रचलित है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मासूमों के बचपन से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

जिले भर में जारी रहेगी निगरानी
पुलिस ने इस मामले को लेकर जिला पंचायत को भी अवगत कराया है ताकि जिले के समस्त ईंट भट्ठों को बालश्रम मुक्त बनाया जा सके। एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि ऑपरेशन बचपन का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देना है। इस अभियान में कास्टेबल रामजी धुसिया और महिला कांस्टेबल पारो गिरि सहित पूरी एएचटीयू टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशासन की इस कार्रवाई से जनपद में अवैध रूप से बाल मजदूरी कराने वालों के बीच भय का माहौल है।