सदर कोतवाली में उपनिरीक्षक विजय बहादुर सिंह की मौत, बैरक में बिस्तर पर मिला शव
चंदौली सदर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक विजय बहादुर सिंह की बैरक में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। पुलिस विभाग मामले की जांच में जुटा है।
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उपनिरीक्षक विजय बहादुर सिंह निधन
पुलिस बैरक में संदिग्ध परिस्थिति
हार्ट अटैक से मौत की आशंका
चंदौली के सदर कोतवाली में बुधवार की सुबह एक दुखद खबर सामने आई। यहां तैनात 58 वर्षीय उपनिरीक्षक (दरोगा) विजय बहादुर सिंह की बैरक में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह जब साथी जवानों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, तो उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
बैरक में बिस्तर पर मृत हालत में मिले दरोगा
सदर कोतवाल बिंदेश्वरी पांडेय ने बताया कि मंगलवार देर रात खाना खाने के बाद विजय बहादुर सिंह अपनी बैरक में सोने चले गए थे। बुधवार सुबह जब साथी पुलिसकर्मी उन्हें उठाने पहुंचे, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब पास जाकर देखा गया, तो वह अपने बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े हुए थे।
सिपाही से दरोगा तक का तय किया था सफर
मृतक उपनिरीक्षक विजय बहादुर सिंह मूल रूप से आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली अंतर्गत उपेंदा गांव के रहने वाले थे। वह स्व. राजनाथ सिंह के पुत्र थे। विजय बहादुर सिंह पुलिस विभाग में एक सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी सेवा के दौरान लगातार तीन प्रमोशन हासिल कर वह उपनिरीक्षक के पद तक पहुंचे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) के कारण हुई है। घटना की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों और मृतक के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण साफ हो पाएगा।
परिवार में छाया मातम
दिवंगत दरोगा अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और एक बेटी से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके अचानक निधन की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। पुलिस विभाग मामले में जरूरी विधिक कार्रवाई पूरी करने में जुटा है।