चंदौली में पुलिस थानों से हटाए गए 50 से अधिक सिपाही, यूपी-112 की जिम्मेदारी संभालेंगे पुराने चेहरे, देखें तबादला लिस्ट
चंदौली पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल की बड़ी लहर आई है। पुलिस अधीक्षक ने 50 से अधिक सिपाहियों को थानों से हटाकर यूपी-112 और अन्य जगहों पर तैनात किया है। पूरी तबादला सूची और नए आदेशों की जानकारी के लिए आगे पढ़ें।
चंदौली जनपद में पुलिसकर्मियों का व्यापक तबादला
थानों से हटाकर यूपी-112 में दी गई तैनाती
50 से अधिक सिपाहियों और मुख्य आरक्षियों के कार्यक्षेत्र बदले
आदेश जारी होने के तत्काल बाद ज्वाइनिंग का निर्देश
पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की कवायद
चंदौली जनपद की कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चंदौली पुलिस अधीक्षक ने विभाग के भीतर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। जिले के विभिन्न थानों में लंबे समय से जमे 50 से अधिक पुलिसकर्मियों, जिनमें आरक्षी (Constable) और मुख्य आरक्षी (Head Constable) शामिल हैं, को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। इस सूची में शामिल अधिकांश पुलिसकर्मियों को थानों से हटाकर यूपी-112 (PRV) में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यूपी-112 के बेड़े को किया गया मजबूत
जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, सैयदराजा, चंदौली सदर, मुगलसराय, अलीनगर, कंदवा, चकिया और चकरघट्टा जैसे प्रमुख थानों से पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित किया गया है। सूची पर नजर डालें तो ओम प्रकाश पाण्डेय, संजय कुमार सिंह, अर्चना त्रिपाठी, रुबी सिंह और विपिन कुमार गुप्ता जैसे कई अनुभवी पुलिसकर्मियों को अब यूपी-112 की कमान दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य जिले में रिस्पॉन्स टाइम को सुधारना और आपातकालीन सेवाओं को अधिक सक्रिय बनाना माना जा रहा है।
तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का 'फरमान'
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि स्थानांतरित किए गए सभी पुलिसकर्मी अविलंब अपने नए कार्यक्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। तबादले के बाद किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश में साफ कहा गया है कि संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन कर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त करें ताकि वे अपनी नई तैनाती स्थल पर योगदान दे सकें।
क्यों किए गए इतने बड़े स्तर पर तबादले?
सूत्रों की मानें तो यह तबादला प्रक्रिया नियमित प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है। अक्सर एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनात रहने से कार्यप्रणाली में आने वाली जड़ता को तोड़ने के लिए ऐसे कदम उठाए जाते हैं। इसके अलावा, यूपी-112 की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए थानों से अनुभवी सिपाहियों को वहां भेजा गया है। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और शहरी सीमाओं पर गश्त बढ़ाने के लिए भी यह रणनीति अपनाई गई है।
इन थानों में दिखेगा नया चेहरा
इस बड़े फेरबदल के बाद अब जनपद के थानों में नए सिपाहियों की तैनाती की जाएगी। थानों से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के जाने के बाद अब वहां की रिक्तियों को भरने के लिए भी जल्द ही नई सूची जारी हो सकती है। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप का माहौल है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इससे जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा।