चंदौली में 11 स्कूली बसों का कटा चालान, 8 ओवरलोड ट्रक किए गए सीज

 

चंदौली में 'मिशन सेफ फ्यूचर' के तहत परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पीटीओ अनीता वर्मा ने 11 स्कूली बसों का चालान काटने के साथ ही 8 ओवरलोड ट्रकों को सीज कर दिया है।

 
 

'मिशन सेफ फ्यूचर' के तहत चेकिंग

11 स्कूली बसों पर हुआ बड़ा एक्शन

8 ओवरलोड ट्रक किए गए सीज

परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस होंगे सस्पेंड

बच्चों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता

 चंदौली जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के कड़े रुख के बाद जिले में 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत परिवहन विभाग की संयुक्त टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है।

इस अभियान के तहत परिवहन विभाग की टीम ने मुगलसराय इंडस्ट्रियल एरिया चौकी और मंडी कोतवाली क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम को अचानक सड़क पर देखकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।

सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर 11 स्कूली बसों का चालान
चेकिंग के दौरान सड़कों पर दौड़ रही विभिन्न स्कूलों की बसों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की गई। इस दौरान बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध परमिट, बीमा, आग बुझाने वाले यंत्र (अग्निशमन यंत्र), फर्स्ट एड बॉक्स और गाड़ी की रफ्तार तय करने वाले स्पीड गवर्नर जैसे जरूरी सुरक्षा मानकों को परखा गया।

जांच में जिन 11 स्कूली बसों में इन नियमों की अनदेखी पाई गई, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करते हुए चालान काट दिया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

8 ओवरलोड ट्रक सीज, परमिट होंगे सस्पेंड
स्कूली बसों के अलावा परिवहन विभाग ने खनिज और अन्य माल ढोने वाले ओवरलोड वाहनों पर भी शिकंजा कसा। क्षमता से ज्यादा माल लादकर सड़कों पर खतरा पैदा करने वाले 8 बड़े ट्रकों को जब्त (सीज) कर संबंधित थानों में खड़ा करा दिया गया है।

परिवहन विभाग की पीटीओ अनीता वर्मा ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए बताया कि बिना फिटनेस और वैध परमिट के चल रहे वाहनों पर यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पकड़े गए ओवरलोड वाहनों के ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रकों के परमिट को सस्पेंड करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें, वरना जेल जाने तक की नौबत आ सकती है।