चंदौली रेलवे ओवरब्रिज हादसे के लिए इन अफसरों व ठेकेदारों पर FIR के लिए सांसद-विधायक ने शुरू किया धरना
चंदौली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब गिरने से हुए हादसे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने इसे बड़ा भ्रष्टाचार बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग के साथ धरना शुरू कर दिया है।
निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा
हादसे में कई घायल और मौत की आशंका
सेतु निगम और पेटी कांट्रेक्टर पर FIR मांग
निर्माण कार्य में भारी मिलावटखोरी का आरोप
जनप्रतिनिधियों का धरने पर बैठने का ऐलान
चंदौली जनपद में एक निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब गिरने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, पुल के अप्रोच रोड के निर्माण के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें स्लैब का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह के अनुसार, संभवतः एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई है। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँच गए।
सांसद और विधायक का तीखा हमला, भ्रष्टाचार का आरोप
हादसे की सूचना मिलते ही सांसद वीरेंद्र सिंह दिल्ली से सीधे घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने सरकार और विभाग पर इस मामले को दबाने और "लीपापोती" करने का गंभीर आरोप लगाया है। सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है और इसके पीछे बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और घोटाला शामिल है। वहीं, सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने इसे "गोरखधंधा" और "मिलावटखोरी" का नतीजा करार दिया है। उन्होंने कहा कि मौके पर कोई सुरक्षा मानक नहीं थे और मजदूर असुरक्षित तरीके से काम कर रहे थे।
अधिकारियों और कार्यदायी संस्था पर FIR की मांग
विधायक प्रभु नारायण सिंह ने इस हादसे के लिए केवल ठेकेदार को ही नहीं, बल्कि सेतु निगम के अधिकारियों को भी समान रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतना बड़ा निर्माण हो रहा था, तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जैसे एक्सईएन (XEN), एसडीओ (SDO) या जेई (JE) मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे? जनप्रतिनिधियों की मांग है कि एमडी सेतु निगम और पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर काम ले रखी संस्था के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
कार्रवाई होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना
प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई न होते देख सांसद और विधायक अपने कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर ही धरने पर बैठ गए हैं। सांसद वीरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि होने के नाते वे भ्रष्टाचार और इस तरह की जानलेवा लापरवाही के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिलहाल मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और जिला प्रशासन मामले को शांत कराने के प्रयास में जुटा है।