चंदौली परिवहन विभाग में बड़ा संकट: 3 साल से अस्थायी व्यवस्था के भरोसे काम, एक ही अफसर के पास 4-4 पदों का चार्ज

 

चंदौली परिवहन विभाग पिछले तीन वर्षों से भारी प्रशासनिक कमी से जूझ रहा है, जहां एक ही अधिकारी चार-चार जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। हालांकि, विभाग को अब नई पीटीओ मिलने से काम में तेजी आने की उम्मीद है।

 
 

तीन साल से अस्थायी व्यवस्था लागू

एक अधिकारी पर चार जिम्मेदारियां

पूर्व एआरटीओ पर कार्रवाई से असर

अनीता वर्मा बनीं नई पीटीओ

मुख्यालय को भेजे गए कई पत्र

 चंदौली जिले में परिवहन विभाग पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। जिले में स्थिति इतनी चुनौतीपूर्ण हो चुकी है कि एआरटीओ प्रशासन की कुर्सी लंबे समय से स्थायी रूप से नहीं भरी जा सकी है। इसके अलावा पिछले एक वर्ष से यात्री कर अधिकारी (पीटीओ) और रीजनल इंस्पेक्टर (आरआई) के महत्वपूर्ण पद भी रिक्त पड़े हैं।

इस प्रशासनिक कमी के कारण विभाग की अधिकांश महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां वर्तमान में एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. सर्वेश गौतम के कंधों पर आ टिकी हैं। जानकारों का मानना है कि कभी चंदौली का एआरटीओ प्रशासन पद प्रदेश भर में काफी चर्चित हुआ करता था और इस पद पर तैनाती पाने के लिए अधिकारियों के बीच काफी रुचि देखी जाती थी।

कार्रवाई के बाद बदला चंदौली का माहौल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूर्व एआरटीओ आर.एस. यादव के जेल जाने तथा जिले में तैनात रहे कई अन्य परिवहन अधिकारियों पर गाज गिरने के बाद से यहां के हालात पूरी तरह बदल गए। इन सख्त कार्रवाइयों के बाद से कई अधिकारी चंदौली जनपद में अपनी तैनाती कराने से साफ तौर पर बचते नजर आने लगे हैं, जिससे यह कमी पैदा हुई।

जुलाई 2023 में एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा की पदोन्नति के साथ ही उनका स्थानांतरण हो गया, जिसके बाद एआरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन दोनों पद लंबे समय तक खाली रहे। शासकीय कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए अगस्त 2023 में भदोही में तैनात राम सिंह को चंदौली के एआरटीओ प्रवर्तन पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

एक अकेले अफसर के भरोसे चार बड़े पद
इसके बाद अक्टूबर 2023 में जौनपुर में तैनात एआरटीओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव को चंदौली के एआरटीओ प्रशासन पद से संबद्ध किया गया, जिन्होंने फरवरी 2024 तक इस जिम्मेदारी को संभाला। इसी बीच, नवंबर 2023 में डॉ. सर्वेश गौतम ने एआरटीओ प्रवर्तन का कार्यभार संभाला था और फरवरी 2024 से उन्हें एआरटीओ प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया गया।

वर्ष 2025 में पीटीओ और रीजनल इंस्पेक्टर का भी यहां से स्थानांतरण हो गया, जिसके बाद से ये दोनों पद भी पूरी तरह खाली चल रहे हैं। वर्तमान समय में अकेले एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ही एआरटीओ प्रशासन, एआरटीओ प्रवर्तन, पीटीओ तथा आरआई सहित विभाग की चार-चार बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

मुख्यालय से जल्द बड़े फैसले की उम्मीद
इस पूरे मामले पर डॉ. सर्वेश गौतम का कहना है कि रिक्त पड़े पदों पर स्थाई अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कई बार परिवहन मुख्यालय को पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई है कि उच्च स्तर से जल्द ही इस संबंध में कोई आवश्यक और ठोस निर्णय लिया जाएगा।

दूसरी तरफ, वाराणसी के आरटीओ मनोज वर्मा ने इस संकट के बीच एक बड़ी और राहत भरी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में तैनात अनीता वर्मा को चंदौली का नया पीटीओ नियुक्त कर दिया गया है। आरटीओ ने कहा कि जल्द ही वह अपना कार्यभार ग्रहण कर लेंगी, जिससे विभागीय कार्यों को पुनः गति मिल सकेगी।