नेशनल इंटर कॉलेज के पास दिनदहाड़े छीनैती की खबर से हड़कंप, ऑटो चालक और फाइनेंस कर्मियों के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा

सैय्यदराजा में नेशनल इंटर कॉलेज के पास शनिवार को छीनैती की सूचना से सनसनी फैल गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला लूट का नहीं, बल्कि ऑटो की किश्त जमा न होने पर फाइनेंस कर्मियों द्वारा वाहन खींचने के विवाद का निकला।

 

नेशनल इंटर कॉलेज के पास हंगामा

छीनैती की सूचना पर दौड़ी पुलिस

ऑटो किश्त को लेकर हुआ विवाद

बजाज फाइनेंस कर्मियों पर लगा आरोप

क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा जांच के आदेश

चंदौली जनपद के सैयदराजा थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल इंटर कॉलेज के समीप शनिवार को दिनदहाड़े छीनैती की एक सूचना ने पुलिस और स्थानीय लोगों के होश उड़ा दिए। देखते ही देखते इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की, तो पूरी कहानी लूटपाट की नहीं बल्कि ऑटो फाइनेंस की किश्तों के विवाद की निकली।

क्या था पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार, चिरईगांव निवासी मोहन राम अपना ऑटो लेकर जा रहे थे, तभी दो बाइक सवार युवकों ने खुद को बैंककर्मी बताकर ऑटो को रुकवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातों ही बातों में विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। घबराई सवारियां ऑटो से नीचे उतर गईं। आरोप लगा कि युवकों ने चालक से लगभग 10 हजार रुपये छीन लिए और भीड़ जुटती देख अपनी एक बाइक मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस जांच में खुला 'फाइनेंस' का पेंच
घटना की सूचना मिलते ही सैयदराजा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। थाना प्रभारी ने मामले का पटाक्षेप करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह लूट या छीनैती का मामला नहीं है। जांच में पता चला कि संबंधित ऑटो फाइनेंस पर लिया गया था, जिसे मूल मालिक ने स्टांप के जरिए मोहन राम को बेच दिया था। पिछले करीब 9 महीनों से वाहन की किश्त जमा नहीं की गई थी, जिसके कारण बजाज फाइनेंस के कर्मचारी वाहन को कब्जे में लेने का प्रयास कर रहे थे।

अफवाह और विधिक कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस के अनुसार, जब फाइनेंस कर्मियों ने ऑटो को रोकना चाहा, तो चालक ने शोर मचाकर लूट की अफवाह फैला दी, जिससे स्थिति बिगड़ गई और कर्मचारी अपनी बाइक छोड़कर भाग निकले। क्षेत्राधिकारी सदर ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने नियमों के विरुद्ध जाकर ऐसा कृत्य किया है या वे जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पुलिस फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के संपर्क में है और बाइक को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।