सवर्ण समाज ने दी भाजपा को चेतावनी: 'UGC एक्ट वापस लो या बड़ा आंदोलन झेलो', जिलाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग
चंदौली में प्रस्तावित यूजीसी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद आक्रोशित भीड़ ने भाजपा कार्यालय को घेरा और जिलाध्यक्ष से इस्तीफा मांगा। सवर्ण समाज ने 15 दिनों के भीतर मांग पूरी न होने पर महापंचायत की चेतावनी दी है।
यूजीसी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज का आक्रोश
भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह का घेराव किया
15 दिनों में बिल वापसी की कड़ी चेतावनी
गांव-गांव जाकर महापंचायत करने का ऐलान
सवर्ण हितों की अनदेखी पर जताया रोष
चंदौली जिले में प्रस्तावित यूजीसी एक्ट (UGC Act) को लेकर सवर्ण समाज का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है। बुधवार को चंदौली जिला मुख्यालय पर उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोगों ने पहले कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा और उसके बाद जुलूस की शक्ल में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
भाजपा जिलाध्यक्ष से इस्तीफे की मांग
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने भाजपा जिला कार्यालय के द्वार पर धरना दिया और जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह से सीधी वार्ता की। सवर्ण समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी एक्ट के जरिए सवर्णों के हितों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जिलाध्यक्ष से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफे की मांग की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर इस बिल को वापस लेने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप ले लेगा।
आर-पार की लड़ाई: गांव-गांव होगी महापंचायत
वरिष्ठ अधिवक्ता जन्मेजय सिंह ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी एक्ट के कई प्रावधान सवर्ण समाज के साथ अन्याय हैं और यह संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। सवर्ण समाज के नेताओं ने ऐलान किया कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी। इसके लिए जल्द ही एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत गांव-गांव जाकर लोगों को एकजुट किया जाएगा और एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उनका लक्ष्य इस विरोध को एक व्यापक जनआंदोलन में बदलना है।