बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, 'मिशन सेफ़ फ्यूचर' के तहत एक्शन, 2 पब्लिक स्कूलों की गाड़ियां सीज

 

चंदौली में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग ने 'मिशन सेफ़ फ्यूचर' के तहत 35 वाहनों की जांच की। इस दौरान फ्यूचर पब्लिक और F.F.P.S पब्लिक स्कूल के दो वाहनों को बिना फिटनेस और परमिट के चलने पर सीज कर दिया गया।

 
 

'मिशन सेफ़ फ्यूचर' के तहत बड़ी कार्रवाई

पीटीओ अनीता वर्मा ने की सघन जांच

दो नामी स्कूलों के वाहन किए सीज

चार अन्य गाड़ियों का काटा गया चालान

जिले में 15 दिनों का विशेष अभियान

चंदौली जिले में स्कूली बच्चों के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। शासन के निर्देश पर जिले में 'मिशन सेफ़ फ्यूचर' अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को पैसेंजर टैक्स ऑफिसर (पीटीओ) अनीता वर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने मुगलसराय इलाके के अलग-अलग रास्तों पर स्कूली वाहनों की अचानक और सघन चेकिंग शुरू कर दी।

इस औचक छापेमारी और जांच अभियान से स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने सड़क से गुजरने वाली हर छोटी-बड़ी स्कूल बस, वैन और ऑटो को रोककर उनके कागजात और सुरक्षा मानकों को खंगालना शुरू किया। इस दौरान कुल 35 स्कूली वाहनों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

फ्यूचर पब्लिक और F.F.P.S पब्लिक स्कूल की गाड़ियां सीज
परिवहन विभाग की इस कड़क चेकिंग के दौरान मुगलसराय के दहिया गांव में बड़ी लापरवाही सामने आई। यहाँ जब टीम ने 'फ्यूचर पब्लिक स्कूल' और 'F.F.P.S पब्लिक स्कूल' के दो वाहनों को रोककर उनकी जांच की, तो उनके पास न तो वैध फिटनेस सर्टिफिकेट था, न रूट परमिट था और न ही उनके टैक्स जमा थे।

मासूम बच्चों की जिंदगी के साथ हो रहे इस सरेआम खिलवाड़ और नियमों की गंभीर अनदेखी को देखते हुए पीटीओ अनीता वर्मा ने तुरंत एक्शन लिया और दोनों वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया। इसके अलावा, चार अन्य स्कूली वाहनों में परमिट की शर्तों का उल्लंघन और दूसरी कमियां मिलने पर उनका भारी-भरकम चालान भी काटा गया।

15 दिनों तक चलेगा स्पेशल अभियान, कमियां मिलीं तो खैर नहीं
इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए एआरटीओ (ARTO) डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसके लिए पूरे चंदौली जनपद में 15 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत हर एक स्कूल वाहन की फिटनेस, परमिट, टैक्स के साथ-साथ गाड़ी के अंदर अग्निशमन यंत्र (फायर एक्स्टिंग्विशर), फर्स्ट एड बॉक्स और स्पीड गवर्नर जैसी जरूरी जीवन रक्षक चीजों की जांच की जा रही है।

परिवहन विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों, प्राचार्यों और निजी वाहन संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के सभी दस्तावेज और सुरक्षा मानक तुरंत दुरुस्त कर लें। यदि भविष्य में किसी भी गाड़ी में बिना फिटनेस या बिना मानकों के बच्चे बैठे मिले, तो गाड़ी सीज करने के साथ ही संबंधित के खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।