बलिया की घटना के बाद जागा चंदौली का प्रशासन: धान की कटाई के बाद स्कूलों के ऊपर से हटेंगे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार और खंभे
बलिया में छात्र की मौत के बाद बिजली व शिक्षा विभाग हरकत में आया है। चंदौली के 30 स्कूलों से धान की कटाई के बाद 20 नवंबर तक हाईटेंशन तार हटाए जाएंगे।
बलिया हादसे के बाद शिक्षा व बिजली विभाग सक्रिय
धान कटाई के बाद हटेंगे हाईटेंशन तार
चंदौली में कुल 30 विद्यालय किए गए चिह्नित
20 नवंबर तक काम पूरा करने की समयसीमा
मान्यता प्राप्त स्कूलों को भी हटवाने होंगे बिजली तार
प्रदेश के बलिया जिले में हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से चौथी कक्षा के एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद बिजली और शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। चंदौली जिले के परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिसर व आसपास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन और बिजली के खंभों को हटाने की कवायाद काफी तेज कर दी गई है। दोनों विभागों द्वारा इस दिशा में संयुक्त पहल शुरू की गई है ताकि मासूम बच्चों को बिजली के हादसों से सुरक्षित रखा जा सके।
जिले में 30 स्कूल किए गए चिह्नित
अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश खतरनाक स्थानों से पहले ही तार और खंभे हटाए जा चुके हैं। हालांकि, वर्तमान जांच के दौरान चंदौली जिले में ऐसे 30 विद्यालयों को चिह्नित किया गया है, जहां अभी भी हाईटेंशन लाइन गुजरने से विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा बना हुआ है। कंदवा में आंगनबाड़ी केंद्र के पास 10 केवीए (KVA) का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। इसके अलावा कंदवा के प्राथमिक विद्यालय, राजकीय हाईस्कूल के बहुउद्देशीय हाल और नौगढ़ में उच्च माध्यमिक विद्यालय जरहर के ठीक ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं।
धान की कटाई के बाद शुरू होगा शिफ्टिंग का काम
अधीक्षण अभियंता जसमीर सिंह का कहना है कि वर्तमान में खेतों में धान की फसल खड़ी है। अगर अभी खंभे हटाने और तार स्थानांतरित करने का काम शुरू किया गया, तो खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से धान की कटाई पूरी होने के तत्काल बाद ही सभी चिह्नित स्थानों से हाईटेंशन तार और खंभे हटवा दिए जाएंगे। इस काम को पूरा करने के लिए 20 नवंबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है, जिससे विद्यालय परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के लिए भी नियम तय
प्रशासन ने साफ किया है कि हाईटेंशन लाइन हटाने की यह कार्रवाई केवल सरकारी, परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों तक ही सीमित नहीं रहेगी। निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के परिसर और आसपास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को भी हर हाल में हटाया जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यालय प्रबंधन को बिजली विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले इस्टीमेट के अनुसार आवश्यक धनराशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही बिजली विभाग तारों और खंभों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
विभागों का आपसी समन्वय और तय समयसीमा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार के मुताबिक, बिजली विभाग को यह कार्य पूरा करने के लिए एक निश्चित टाइमलाइन दी गई है। जहां से लाइन हटाई जानी है, वहां फिलहाल धान की फसल तैयार अवस्था में खड़ी है। जैसे ही किसान अपनी फसल काट लेंगे, शिक्षा विभाग बिजली विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बिजली के हर प्रकार के खतरे से बचाना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना है।