चंदौली के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी, नहीं हैं गणित, अंग्रेजी और विज्ञान के काबिल मास्टर

 

चंदौली जिले के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। करीब 20 प्रतिशत पद खाली होने से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि नए अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।

 
 

चंदौली के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों का संकट

लगभग 20 प्रतिशत अध्यापकों के पद पड़े खाली

गणित, अंग्रेजी और विज्ञान की पढ़ाई हो रही बाधित

जिले में कुल 244 सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल

शिक्षा चयन बोर्ड को भेजी गयी है नियुक्ति की डिमांड

चंदौली जिले में संचालित माध्यमिक विद्यालय इन दिनों शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्यापकों के स्वीकृत पदों में से लगभग 20 प्रतिशत पद खाली चल रहे हैं। शिक्षकों की अनुपलब्धता का सीधा असर बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है और समय पर पाठ्यक्रम पूरा न होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।

गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के शिक्षक गायब
रिक्त चल रहे पदों में सबसे ज्यादा कमी गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे मुख्य विषयों के अध्यापकों की है। इन विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक न होने के कारण हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई सबसे ज्यादा बाधित हो रही है। मुख्य विषयों की कक्षाएं नियमित न चलने से छात्रों की परीक्षा तैयारी पर असर पड़ रहा है।

जिले में कुल 244 माध्यमिक विद्यालय
चंदौली जिले में कुल 244 सरकारी और गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 26 राजकीय विद्यालय, 34 सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालय और 184 निजी विद्यालय शामिल हैं। वर्तमान समय में राजकीय और एडेड विद्यालयों में कुल 986 शिक्षक तैनात हैं, जबकि 135 से ज्यादा शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

हर साल सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक पर नहीं हो रही नई तैनाती
इन विद्यालयों से हर साल कई शिक्षक अपनी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाते हैं, लेकिन उनके सापेक्ष नए शिक्षकों की समय पर नियुक्ति नहीं हो पाती है। नई नियुक्तियां न होने से विद्यालयों में अध्यापकों की कमी साल-दर-साल बढ़ती जा रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है।

स्मार्ट क्लास और लैब बन गए हैं  शो-पीस
प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले के कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब, स्मार्ट बोर्ड और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, पर्याप्त शिक्षक न होने की वजह से विद्यार्थी इन आधुनिक सुविधाओं का सही लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बिना शिक्षकों के स्मार्ट उपकरण सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं।

शिक्षा चयन बोर्ड को दी गयी है जानकारी
मामले को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है और चयन बोर्ड से चयन प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द ही विद्यालयों में नए अध्यापकों की तैनाती कर दी जाएगी।