चंदौली में 'कारखास' तंत्र और वसूली पर ब्रेक लगाने के लिए याद किए जाएंगे SP आदित्य लांग्हे, अब फिरोजाबाद की मिली है कमान
चंदौली के तेजतर्रार एसपी आदित्य लांग्हे का तबादला फिरोजाबाद कर दिया गया है। अपने दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अवैध वसूली, पशु तस्करी और जुआ सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक कर विभाग में हड़कंप मचा दिया था।
16 थानों के वसूली तंत्र पर कड़ा प्रहार
नेशनल हाईवे के अवैध पिकेट कराए बंद
पशु तस्करों और शराब माफियाओं पर नकेल
जनसुनवाई निस्तारण में प्रदेश में रहे अव्वल
औचक निरीक्षण और पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा किए गए हालिया स्थानांतरण में चंदौली के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य लांग्हे का तबादला फिरोजाबाद कर दिया गया है। उनके स्थान पर 2019 बैच के युवा और ऊर्जावान आईपीएस अधिकारी आकाश पटेल को जिले की नई कमान सौंपी गई है। आदित्य लाग्हे का करीब दो साल का कार्यकाल चंदौली में अपराधियों के लिए काल और लापरवाह पुलिसकर्मियों के लिए 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसा रहा।
वसूली तंत्र और 'कारखास' संस्कृति पर एक्शन
आदित्य लाग्हे ने चंदौली का चार्ज संभालते ही थानों में वर्षों से जमे 'कारखास' (वसूली में लिप्त खास सिपाही) तंत्र की कमर तोड़ दी थी। उन्होंने सभी 16 थानों से गोपनीय रिपोर्ट मंगवाई और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए पुलिसकर्मियों को न केवल लाइन हाजिर किया, बल्कि उन्हें जिले से बाहर का रास्ता भी दिखाया। नेशनल हाईवे पर अलीनगर, सदर और सैयदराजा थाना क्षेत्रों में सालों से चल रहे अवैध पिकेट्स को बंद कराकर उन्होंने पशु तस्करी के रूट पर होने वाली काली कमाई पर सीधा ब्रेक लगा दिया।
अपराध नियंत्रण और औचक निरीक्षण की धमक
एसपी लाग्हे की कार्यशैली की सबसे बड़ी पहचान उनका 'सरप्राइज विजिट' था। आधी रात को बिना किसी पूर्व सूचना के थानों पर पहुंच जाना और ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपये की अवैध शराब जब्त की गई और पशु तस्करों को बड़े पैमाने पर जेल भेजा गया। बिहार चुनाव के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।
जनसुनवाई में प्रदेश में हासिल किया शीर्ष स्थान
सिर्फ सख्ती ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशीलता भी उनकी प्राथमिकता रही। जनसुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने 'गूगल मीटिंग' और डिजिटल मॉनिटरिंग का सहारा लिया। इसी का परिणाम था कि जनसुनवाई निस्तारण की रैंकिंग में चंदौली ने कई बार पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। साइबर अपराधों के मामले में भी उन्होंने सक्रियता दिखाई और सैकड़ों पीड़ितों के डूबे हुए पैसे वापस कराए।
कई घटनाओं को जल्द खुलासा
उनके कार्यकाल में कंदवा हत्या कांड का महज 24 घंटे में खुलासा और अलीनगर के धपरी शिवलिंग प्रकरण को बेहद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना बड़ी रणनीतिक जीत मानी गई। हाल ही में जुआ सिंडिकेट के खिलाफ की गई उनकी बड़ी कार्रवाई, जिसमें कई पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी, काफी चर्चा में रही। उनकी विशिष्ट सेवाओं और शौर्य प्रदर्शन के लिए यूपी डीजीपी ने उन्हें सम्मानित किया और गोल्ड मेडल से भी नवाजा गया।
अब जिले की कमान आईपीएस आकाश पटेल के हाथों में है। जनता और विभाग को उम्मीद है कि नए कप्तान भी आदित्य लाग्हे द्वारा स्थापित की गई सख्त और पारदर्शी पुलिसिंग की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे और जिले में शांति व सुरक्षा का माहौल बनाए रखेंगे।