अब नहीं चलेगी केस लटकाने की आदत:  SP की सख्त चेतावनी, 4 विवेचकों के खिलाफ जांच शुरू, 60-90 दिन पुराने मामलों का तुरंत करें निस्तारण 

 

चंदौली में लंबे समय से लंबित मुकदमों को लटकाना पुलिस अफसरों को भारी पड़ने लगा है। एसपी आकाश पटेल ने समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए 4 विवेचकों पर जांच के आदेश दिए हैं। जानिए एसपी ने क्या सख्त हिदायत दी है!

 
 

चंदौली में 60 से 90 दिन पुरानी विवेचनाओं पर सख्त एक्शन

लापरवाही बरतने वाले 4 विवेचकों पर जांच के आदेश जारी

केस निस्तारण में देरी पर एसपी आकाश पटेल की खुली चेतावनी

पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी

चंदौली जिले में अब मामलों की जांच और विवेचना लटकाना पुलिस अधिकारियों को भारी पड़ेगा। पुलिस अधीक्षक (एसपी) आकाश पटेल ने साफ कर दिया है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अफसर समय पर मामलों का निस्तारण नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

4 विवेचकों के खिलाफ जांच के आदेश

एसपी आकाश पटेल ने 6 अगस्त 2026 को नवीन सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले भर में 60 से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े मुकदमों की थानावार पड़ताल की गई। समीक्षा के दौरान काम में लापरवाही और ढिलाई बरतने वाले 4 विवेचकों (जांच अधिकारियों) के खिलाफ तत्काल प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

इस समीक्षा बैठक का मुख्य मकसद जिले में पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाना और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पीड़ित नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। इसलिए मुकदमों की जांच गुणवत्तापूर्ण और तय समय-सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए।

लापरवाही की तो होगी सख्त कार्रवाई

बैठक के अंत में एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर आगे भी कोई अफसर केस की जांच में देरी करता पाया गया, तो उस पर और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।