चंदौली SP का कड़ा रुख: "अगर गुंडई से खींची गाड़ी तो दर्ज होगा लूट का मुकदमा", फाइनेंस एजेंसियों को दी अंतिम चेतावनी

 

चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने फाइनेंस एजेंसियों के साथ बैठक कर सख्त चेतावनी दी है कि ईएमआई न देने पर वाहन स्वामियों के साथ जबरदस्ती या अभद्रता करने वाले एजेंटों पर 'लूट' की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

 
 

वाहन जबरन खींचने पर लूट का मुकदमा

फाइनेंस एजेंटों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य

अभद्रता करने वाली एजेंसियों पर विधिक कार्रवाई

कानून हाथ में लेने पर जेल भेजेंगी पुलिस

रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी

चंदौली जिले में फाइनेंस एजेंसियों और उनके रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन स्वामियों के साथ की जाने वाली बदसलूकी और जबरन गाड़ी छीनने की घटनाओं को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। मंगलवार, 07 अप्रैल 2026 को पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक चंदौली श्री आकाश पटेल की अध्यक्षता में जिले की समस्त माइक्रो फाइनेंस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एसपी ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वाले एजेंटों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

"गुंडई की तो खैर नहीं, सीधे दर्ज होगी लूट की FIR"
बैठक को संबोधित करते हुए एसपी आकाश पटेल ने कहा कि अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती हैं कि ईएमआई (EMI) न देने की स्थिति में फाइनेंस कंपनियों के एजेंट वाहन स्वामियों के साथ सड़क पर मारपीट, अभद्रता और जबरन गाड़ी छीनने जैसी हरकतें करते हैं। एसपी ने सख्त लहजे में कहा, "यदि किसी भी एजेंट या कर्मचारी द्वारा वाहन जबरन खींचने, डराने-धमकाने या अभद्रता की शिकायत मिली, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इसमें एजेंसी की भूमिका पाई गई, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।

एजेंटों का पुलिस सत्यापन हुआ अनिवार्य
कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसपी ने सभी माइक्रोफाइनेंस बैंकों और एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे अपने सभी कलेक्शन एजेंटों और कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से कराएं। बिना सत्यापन के कार्य करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। एसपी ने बताया कि दो दिन पूर्व ही ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने अभियोग दर्ज कर कड़ा संदेश दिया है।

निर्धारित विधिक प्रक्रिया का करें पालन
बैठक में उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक सदर, अनन्त चन्द्रशेखर ने भी एजेंसियों को निर्देशित किया कि ऋण वसूली (Recovery) के लिए केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का ही पालन करें। किसी भी विवाद या टकराव की स्थिति उत्पन्न होने पर स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।

एसपी ने एजेंसियों के प्रतिनिधियों की समस्याओं को भी सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि यदि उन्हें फील्ड में किसी वैध प्रक्रिया के दौरान समस्या आती है, तो वे सीधे पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। इस बैठक के बाद अब जनपद में फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।