छिनैती को गुमशुदगी में बदलने का दबाव बनाने वाले दरोगाजी खुद हो गए सस्पेंड, SP बोले- ऐसे लोग कर रहे पुलिस को बदनाम  

 

चंदौली के सदर कोतवाली में तैनात उप-निरीक्षक संजय कुमार को मोबाइल छिनैती के मामले में लापरवाही बरतने और उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन संबद्ध कर दिया है।

 
 

चंदौली सदर कोतवाली के दरोगा निलंबित

पीड़ित की शिकायत पर नहीं लिखी एफआईआर

छिनैती को गुमशुदगी दिखाने का बनाया दबाव

एसपी आकाश पटेल ने की सख्त कार्रवाई

निलंबन अवधि में पुलिस लाइन रहेंगे संबद्ध

चंदौली जनपद के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कर्तव्यों के प्रति स्वेच्छाचारिता, घोर अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। सदर कोतवाली में तैनात उप-निरीक्षक (नागरिक पुलिस) संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक के इस कड़े रुख से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

मोबाइल छिनैती के मामले को दबाने का प्रयास
जानकारी के अनुसार, एक पीड़ित आवेदक ने बीते 20 मई 2026 को करीब 4 बजे कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अपना मोबाइल फोन झपट लेने (छिनैती) की गंभीर शिकायत की थी। इस सूचना के बावजूद दारोगा संजय कुमार ने मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाया और न ही केस दर्ज किया। उल्टा उन्होंने पीड़ित पर ही दबाव बनाया कि वह चोरी या छिनैती की बात न कहकर केवल मोबाइल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए।

लापरवाही पर तत्काल निलंबन और विभागीय जांच
जब यह गंभीर मामला सीधे पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के पास पहुंचा, तो उन्होंने उप-निरीक्षक की इस कार्यप्रणाली और लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया। आरोपों की पुष्टि होने पर एसपी ने सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन की इस अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन चंदौली से संबद्ध (आबद्ध) किया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस की छवि धूमिल करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई के बाद सख्त संदेश जारी करते हुए कहा कि जनता की शिकायतों पर तत्काल और उचित कानूनी कार्रवाई न करना किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रयासों से पुलिस की साफ-सुथरी छवि धूमिल होती है। अनुशासनहीनता बरतने वाले या कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध आगे भी ऐसी ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।