चंदौली में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने भरी हुंकार, 26 फरवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी

 

चंदौली में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। अप्रैल 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर नए नियम लागू करने के खिलाफ 26 फरवरी को आंदोलन का ऐलान किया गया है, जिसकी रणनीति बैठक में तय हुई।

 
 

26 फरवरी को होगा विशाल आंदोलन

टीईटी अनिवार्यता के प्रस्ताव का विरोध

शिक्षक विद्यालयों में बांधेंगे काली पट्टी

सोशल मीडिया पर चलाया विशेष अभियान

चंदौली के शिक्षक भवन में बैठक

चंदौली जिले में शिक्षक हितों की रक्षा के लिए 'टीचर फाउंडेशन ऑफ इंडिया' के बैनर तले विभिन्न मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को शिक्षक भवन स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक में अप्रैल 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता लागू करने के प्रस्ताव पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। शिक्षकों ने इस नियम को अनुचित बताते हुए आगामी 26 फरवरी 2026 को जनपद स्तर पर व्यापक आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

सोशल मीडिया से लेकर विद्यालय तक विरोध
बैठक में जानकारी दी गई कि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर डिजिटल और जमीनी दोनों स्तरों पर अभियान शुरू कर दिया है। बीते 22 फरवरी को “जस्टिस फॉर टीचर्स” हैशटैग के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर दो घंटे तक देशव्यापी ट्रेंड चलाकर विरोध दर्ज कराया गया। इसी क्रम में 23 से 25 फरवरी तक जनपद के सभी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। यह शांतिपूर्ण विरोध सरकार को यह संदेश देने के लिए है कि शिक्षक अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भरी हुंकार
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आनंद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षक नेताओं ने दो टूक कहा कि पुराने शिक्षकों पर नए नियमों को थोपना उनके करियर के साथ खिलवाड़ है। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह और महामंत्री संजय सिंह ने रणनीति साझा करते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 26 फरवरी का आंदोलन केवल शुरुआत होगी। बैठक में महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष सुनीता तिवारी ने भी अपनी टीम के साथ सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

निर्णायक लड़ाई का संकल्प
गौरव मौर्य के संचालन में हुई इस बैठक में सैकड़ों शिक्षकों ने हाथ उठाकर आंदोलन का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माता है और यदि उसके सम्मान और सेवा शर्तों के साथ समझौता किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। 26 फरवरी को प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है कि मांगे पूरी होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।