चंदौली के थानों पर 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन, मौके पर 49 में से केवल 4 का निस्तारण
चंदौली जिले के सभी थानों पर शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने फरियादियों की शिकायतों को सुना। कुल 49 मामलों में से 4 का मौके पर निस्तारण किया गया।
चंदौली में थाना समाधान दिवस
पुलिस और राजस्व टीम का एक्शन
फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण
जमीन विवादों के त्वरित समाधान
उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाने के लिए शनिवार, 22 अगस्त 2026 को चंदौली जिले के सभी थानों पर 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राजस्व (राजस्व कर्मियों) की टीम के साथ मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का आश्वासन दिया।
पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम कर रही जांच
समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों, विशेषकर जमीन से जुड़े विवादों को गंभीरता से लिया जाए। जमीन और राजस्व से संबंधित मामलों में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच कर रही है। इससे फरियादियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं और विवादों का निष्पक्ष व त्वरित निस्तारण हो पा रहा है।
मौके पर बनाई जा रही रिपोर्ट, दोनों पक्षों के लग रहे हस्ताक्षर
जमीन से जुड़े जितने भी प्रार्थना पत्र थाना स्तर, आईजीआरएस (IGRS) या अन्य माध्यमों से मिल रहे हैं, उन्हें समाधान दिवस रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद दोनों पक्षों को सूचित करके पुलिस और राजस्व की टीम मौके पर पहुंचती है। दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाती है और उस पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं।
49 में से 4 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण
22 अगस्त 2026 को आयोजित थाना समाधान दिवस में जिले भर से कुल 49 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से राजस्व विभाग के 42 और पुलिस विभाग के 7 मामले शामिल थे। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मामलों (2 राजस्व और 2 पुलिस) का मौके पर ही शांतिपूर्ण निस्तारण करा दिया।
बाकी 45 मामलों के लिए दिए गए सख्त निर्देश
शेष बचे 45 प्रार्थना पत्रों (40 राजस्व और 5 पुलिस) को निस्तारण आधीन रखा गया है। अधिकारियों ने मातहतों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन सभी लंबित मामलों का पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।