विंध्य एक्सप्रेसवे का विरोध: बिछिया में 26वें दिन भी किसानों का धरना जारी, किसान नेता 5 दिनों से नजरबंद
चंदौली में विंध्य एक्सप्रेसवे के खिलाफ बिछिया में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 26वें दिन भी जारी रहा। किसान नेता सतीश सिंह चौहान की नजरबंदी का 5वां दिन है। जानिए ज़मीन बचाने को लेकर किसानों की क्या हैं मांगें!
विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में 26वें दिन धरना
भाकियू जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान 5 दिन से नजरबंद
अपनी उपजाऊ जमीन बचाने पर अड़े क्षेत्र के किसान
किसान नेताओं को तुरंत रिहा करने की उठी मांग
शासन-प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील
चंदौली जिले में विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों का आंदोलन दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है। बिछिया स्थित धरना स्थल पर चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 26वें दिन भी पूरी एकजुटता के साथ जारी रहा। किसान अपनी उपजाऊ कृषि भूमि को बचाने की मांग पर लगातार डटे हुए हैं।
किसान नेता सतीश सिंह चौहान की नजरबंदी का 5वां दिन
दूसरी ओर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख सदस्य सतीश सिंह चौहान की नजरबंदी का भी शुक्रवार को 5वां दिन रहा। उनके घर पर पुलिस बल की सख्त तैनाती और निगरानी लगातार बनी हुई है। शहाबगंज थाना प्रभारी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सतीश सिंह चौहान अगले आदेश तक अपने आवास पर नजरबंद रहेंगे।
प्रशासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप
किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने किसान नेताओं की नजरबंदी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन किसान नेताओं को नजरबंद करके आंदोलन को कमजोर करने और भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन बताते हुए कहा कि नेताओं को बंद करने से किसानों की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी।
'आने वाली पीढ़ियों और खेती को बचाने की जंग'
धरना स्थल पर मौजूद किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि चंदौली के किसान अपनी खेती और ज़मीन बचाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे। यह संघर्ष सिर्फ ज़मीन का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और आजीविका को बचाने का है। आंदोलनकारी किसानों ने साफ किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ ज़मीन एक्सप्रेसवे के लिए नहीं देंगे।
तत्काल रिहाई और वार्ता की मांग दोहराई
किसान नेताओं ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि नजरबंद किए गए किसान नेताओं को तुरंत बिना शर्त रिहा किया जाए और किसानों के प्रतिनिधिमंडल से सीधी वार्ता कर विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ी समस्याओं का हल निकाला जाए। चेतावनी दी गई है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
धरना स्थल पर प्रमुख लोग रहे मौजूद
शुक्रवार को बिछिया धरना स्थल पर पूर्व सैनिक अशोक सिंह, बाबूलाल एडवोकेट, विद्याशंकर सिंह, प्रभाकर मौर्या, राम सिंह किंगमेकर, राम नारायण नेवादा, बिजेंद्र यादव, अदसण, कन्हैया मौर्या, प्रभु नारायण यादव, श्याम लाल भतीजा, विजय कुमार, ईश्वरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।