58 गांवों की ज़मीन बचाने की पहल, विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में शुरू हुई 'खेती बचाओ यात्रा', 10 अगस्त को बिछिया में होगी किसान क्रांति पंचायत

 

विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में चंदौली के बिछिया में किसानों का धरना 21वें दिन भी जारी रहा। 58 गांवों के किसानों की ज़मीन बचाने के लिए 'खेती बचाओ यात्रा' निकाली गई है और 10 अगस्त को महापंचायत का ऐलान किया गया है।

 
 

विंध्य एक्सप्रेसवे के खिलाफ 21वें दिन भी जारी रहा धरना

58 गांवों में निकली 'किसान क्रांति खेती बचाओ यात्रा'

35 किलोमीटर में 120 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित

बिना बातचीत के ज़मीन नहीं देने पर अड़े स्थानीय किसान

10 अगस्त को बिछिया धरना स्थल पर किसान क्रांति पंचायत

चंदौली जिले में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे का विरोध अब और तेज होता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बिछिया धरना स्थल पर चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन का रविवार को 21वां दिन था। अपनी जमीनों को बचाने और आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किसानों ने 'किसान क्रांति-खेती बचाओ यात्रा' की शुरुआत की है। यह यात्रा काजीपुर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रवाना हुई। इसके बाद यात्रा ने नेवादा, प्रीतमपुर, खरखोली, बगही, खेदाई, कुंभापुर, तेजोपुर और नारायणपुर समेत कई गांवों का रुख किया।

58 गांवों पर मंडरा रहा भूमिहीन होने का खतरा
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि इस विंध्य एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की वजह से अकेले चंदौली जिले के करीब 58 गांवों के किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। प्रस्तावित योजना के मुताबिक लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में 120 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जानी है। इससे बड़ी संख्या में किसान पूरी तरह से बेजमीन और भूमिहीन हो जाएंगे। किसानों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे का सर्वे ड्रोन कैमरे से तो करा लिया गया, लेकिन इसमें जिला प्रशासन का सही सहयोग नहीं लिया गया, जिससे सर्वे में कई बड़ी कमियां रह गई हैं।

प्रशासन की चुप्पी से नाराज किसान, 10 अगस्त को होगी महापंचायत
किसान नेताओं ने मांग रखी है कि यूपीडा (UPIDA) को जिला प्रशासन की मौजूदगी में प्रभावित किसानों के साथ सीधी बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 20 दिन पहले ही जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया गया था, लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है। इसी अनदेखी के विरोध में किसान अब सभी 58 गांवों में जाकर 'किसान क्रांति-खेती बचाओ यात्रा' के जरिए लोगों को एकजुट कर रहे हैं। इसी कड़ी में 10 अगस्त को बिछिया धरना स्थल पर एक बड़ी 'किसान क्रांति पंचायत' बुलाई गई है, जिसमें आगे की लड़ाई का खाका तैयार किया जाएगा।

गांवों में मिल रहा भारी जनसमर्थन, अपनी जमीन न देने पर अड़े ग्रामीण
इस यात्रा को हर गांव में किसानों और आम ग्रामीणों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बिना बातचीत और अपनी शर्तों का समाधान पाए वे एक इंच जमीन भी नहीं देंगे। यात्रा की शुरुआत के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्रवण मौर्य, भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान, किसान नेता राम प्यारे, अनिल पासवान, कन्हैया, बाबूलाल यादव, अशोक सिंह, डॉ. रामजनम मौर्य और रहमान बाबा समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं बिछिया में अनिश्चितकालीन धरना भी लगातार जारी है।