गेहूं खरीद पर अनियमितता मिली तो सीधे दर्ज होगी FIR, 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर हो रही है सरकारी खरीद
चंदौली कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद कार्यशाला की अध्यक्षता की। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों को परेशान करने या लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों पर सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गेहूं खरीद में लापरवाही पर होगी FIR
ई-पॉस मशीन से होगी पारदर्शी खरीद
एमएसपी (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित
केंद्रों पर बोरे, पानी और छाया की अनिवार्य व्यवस्था।
लेखपाल बनाएंगे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री
चंदौली जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं खरीद को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी केंद्र प्रभारियों और विभागीय अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी केंद्र पर तौल में गड़बड़ी या किसानों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो दोषी केंद्र प्रभारी के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
ई-पॉस मशीन से बिचौलियों पर लगाम
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस वर्ष गेहूं की सरकारी खरीद पूरी तरह से ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के माध्यम से की जाएगी। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त करना है। डीएम ने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व कर्मियों (लेखपालों) के माध्यम से संबंधित केंद्रों पर ही किसानों की 'फार्मर रजिस्ट्री' (किसान आईडी) तैयार कराई जाए, ताकि किसानों को पंजीकरण के लिए भटकना न पड़े।
किसानों की सुविधा और संसाधनों की उपलब्धता
कार्यशाला के दौरान डीएम ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह को विशेष अभियान चलाकर सभी केंद्रों पर बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोरों की कमी के कारण यदि किसी केंद्र पर खरीद प्रभावित हुई, तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी के साथ-साथ जिला प्रभारी की भी होगी। केंद्रों पर किसानों के बैठने के लिए छायादार स्थान, पीने के लिए शुद्ध पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित दर और समय सारिणी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद की अवधि 30 मार्च से 15 जून 2026 तक चलेगी। सभी क्रय केंद्र प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक संचालित होंगे।
नियमित औचक निरीक्षण के आदेश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के क्रय केंद्रों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान यदि कोई केंद्र बंद मिलता है या वहां मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं पाई जाती हैं, तो तत्काल कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक के अंत में उन्होंने गेहूं खरीद के तत्काल बाद किसानों के बैंक खातों में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया पर भी बल दिया।
कार्यशाला में जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव श्री प्रकाश उपाध्याय, विभिन्न एजेंसियों के जिला प्रबंधक, एफसीआई के प्रतिनिधि और सभी गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।