मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BDC को दिया संदेश,  आय बढ़ाने के लिए नए स्रोतों की पहचान करें
 

मुख्यमंत्री की इस पहल को पंचायतों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलेगी।
 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की ऑनलाइन बात

क्षेत्र पंचायतों को दी नसीहत

कहा- अपनी आय बढ़ाने पर दें विशेष ध्यान

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र पंचायतों के कार्यों की वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने के लिए नए स्रोतों की पहचान करनी चाहिए ताकि विकास कार्यों को स्थायी रूप दिया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गांवों में तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन इन योजनाओं की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब पंचायतें अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की नींव बनेंगी। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए और जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गांव, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर विकास की मजबूत नींव रखी जाएगी, तभी आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।

बैठक के दौरान शहाबगंज क्षेत्र पंचायत की ब्लॉक प्रमुख गीता देवी ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। बीडीओ दिनेश सिंह ने भी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस अवसर पर एडीओ कोआपरेटिव सुनील राज पाल, जिला पंचायत सदस्य आजाद राम, प्रमुख प्रतिनिधि राकेश सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवशंकर गुप्ता, कृष्णानंद, स्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का स्वागत करते हुए क्षेत्र पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री की इस पहल को पंचायतों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलेगी।