33 हजार वोल्ट की लाइन ठीक करते समय संविदा बिजली कर्मी की मौत, गांव में मचा कोहराम

 

चंदौली के कंदवा क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ तकनीकी खराबी ठीक करते समय 24 वर्षीय संविदा बिजली कर्मी सरदुम हाईटेंशन करंट की चपेट में आ गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 
 

 कंदवा क्षेत्र में संविदाकर्मी की मौत


 33 हजार वोल्ट हाईटेंशन करंट


 अरंगी गांव निवासी सरदुम की मौत


 तकनीकी खराबी ठीक करते समय हादसा


 जिला अस्पताल में मृत घोषित किया

चंदौली जनपद अंतर्गत कंदवा थाना क्षेत्र में शनिवार की दोपहर एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर कार्यरत एक संविदा बिजली कर्मी की हाईटेंशन करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 24 वर्षीय सरदुम के रूप में हुई है, जो कंदवा थाना क्षेत्र के ही अरंगी गांव का निवासी था। वह शनिवार को अदसड़ गांव के समीप बिजली की किसी तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा था।

33 हजार वोल्ट के करंट ने ली जान
 बताया जा रहा है कि काम के दौरान सरदुम अचानक 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट इतना शक्तिशाली था कि वह गंभीर रूप से झुलस गया और वहीं अचेत हो गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और सहकर्मियों ने आनन-फानन में उसे बिजली के खंभे से नीचे उतारा और तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

परिजनों में कोहराम और गांव में शोक
 दुर्भाग्यवश, जब सरदुम को जिला अस्पताल लाया गया, तो वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। सरदुम की असमय मृत्यु की खबर जैसे ही उसके गांव अरंगी और परिजनों तक पहुँची, वहाँ कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की है।

पुलिस और प्रशासन की कार्यवाही
 हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह एक अत्यंत दुखद घटना है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने मृतक के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी की है।