चंदौली डेयरी कॉन्क्लेव 2026: 28 पशुपालकों को मिले सेलेक्शन लेटर, नंद बाबा मिशन और स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लिए दिए गए टिप्स

 

चंदौली में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 'डेयरी कॉन्क्लेव 2026' में किसानों को आधुनिक डेयरी तकनीक, पशु पोषण और बैंक ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान 28 लाभार्थियों को चयन पत्र भी सौंपे गए।

 
 

चंदौली में डेयरी कॉन्क्लेव 2026 आयोजित

दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष

स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का चयन पत्र

पशुपालकों को साइलेज और आहार टिप्स

केसीसी और नंद बाबा मिशन जानकारी

चंदौली जिले में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के खास अवसर पर विकास भवन सभागार में 'जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव 2026' का भव्य आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, दुग्ध विकास विभाग और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी मनरेगा रवींद्र चतुर्वेदी ने की। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जिले में डेयरी व्यवसाय को आधुनिक बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना रहा।

वैज्ञानिकों ने दिए पशु पोषण और नस्ल सुधार के टिप्स
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने उपस्थित किसानों को साइलेज निर्माण (हरा चारा संरक्षण), संतुलित पशु आहार, पशु रोग नियंत्रण और कृत्रिम गर्भाधान पर व्यावहारिक जानकारी दी। वहीं, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुशवाहा और उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत पाल ने पशुओं में होने वाली बीमारियों की पहचान, रोकथाम, नियमित टीकाकरण और विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।

बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं से जोडने की पहल
इंडियन बैंक के अधिकारी राजीव सिंह ने पशुपालकों को 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' और 'किसान क्रेडिट कार्ड (KCC - पशुपालन)' से मिलने वाली वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसरों के बारे में बताया। इसके अलावा दुग्ध निरीक्षकों और पर्यवेक्षकों ने 'नंद बाबा दुग्ध मिशन', 'मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना', 'मिनी नंदिनी' और 'नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' के नियम और फायदों की विस्तृत जानकारी साझा की।

28 लाभार्थियों को वितरित किए गए चयन पत्र
कार्यक्रम के दौरान 'मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना 2026-27' के तहत चयनित 14 महिला और 14 पुरुष लाभार्थियों को आधिकारिक चयन और अनुमति पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही इस्तेमाल करके किसान कम लागत में अधिक दुग्ध उत्पादन कर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। इस दौरान जिले भर से आए सैकड़ों किसान, पशु चिकित्सक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।