'घुसपैठिया भगाओ समिति' ने DM को सौंपा ज्ञापन, मुगलसराय विधानसभा से खदेड़े जाएंगे अवैध वोटर
चंदौली में मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के भीतर फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे घुसपैठियों के खिलाफ जांच की मांग तेज हो गई है। समिति ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया है।
मुगलसराय में घुसपैठियों का खतरा
फर्जी आधार और वोटर कार्ड मामला
डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
अवैध प्रवासियों की पहचान की मांग
फर्जी दस्तावेज मामले में कार्रवाई की मांग
चंदौली जनपद के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र में कथित रूप से अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को 'घुसपैठिया भगाओ समिति' के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की और उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने मांग की है कि क्षेत्र में अवैध दस्तावेजों के आधार पर रह रहे लोगों की तत्काल पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाए।
फर्जी दस्तावेजों का बड़ा जाल
समिति के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि मुगलसराय क्षेत्र में अवैध मोबाइल नंबरों का उपयोग करके लगभग एक हजार फर्जी आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनवाए गए हैं। 'घुसपैठिया भगाओ समिति' के काशी प्रांत संयोजक पवन कुमार सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए फर्जी दस्तावेजों की मदद से विधानसभा के कई इलाकों में ठिकाना बना चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग न केवल अवैध तरीके से रह रहे हैं, बल्कि स्थानीय व्यवस्था का हिस्सा बनकर सुरक्षा के लिए खतरा भी पैदा कर रहे हैं।
प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप
ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मांग की है कि ऐसे संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए शासन स्तर पर एक विशेष अभियान चलाया जाए। समिति के सदस्य अजय ने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ अधिकारी और कर्मचारी इन घुसपैठियों को न केवल संरक्षण दे रहे हैं, बल्कि उन्हें दस्तावेज बनवाने में भी मदद कर रहे हैं। समिति ने मांग की है कि यदि इस मामले में किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वकर्मा कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा, बबलू सिंह, वेद प्रकाश द्विवेदी और मुन्ना गुरु सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर मामले पर तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो समिति चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कार्यवाही करता है।