अब तो छुट्टी में भी छुट्टी मनाने अपने मन से बाहर नहीं जा सकेंगे सरकारी शिक्षक, जून-जुलाई के लिए ये है सरकारी फरमान
चंदौली के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने आदेश जारी कर जून और जुलाई 2026 में होने वाली बड़ी भर्ती परीक्षाओं के मद्देनजर सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के बिना अनुमति जिला मुख्यालय छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर कड़ा आदेश
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक
ग्रीष्मावकाश में भी लागू रहेगा नियम
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
चंदौली जनपद से शिक्षा विभाग और आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), चंदौली द्वारा जनपद के समस्त राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा शासकीय आदेश जारी किया गया है।
कार्यालय के पत्रांक संख्या 1216-19/2026-27 (दिनांक 19.05.2026) के माध्यम से जारी किए गए इस विशेष निर्देश के अनुसार, आगामी माह जून 2026 व जुलाई 2026 के दौरान प्रदेश में होने वाली बड़ी भर्ती परीक्षाओं के मद्देनजर कोई भी शिक्षक या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा।
मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता के बाद जारी हुआ फरमान
कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ द्वारा की गई हालिया प्रेस वार्ता के क्रम में ही जिला प्रशासन को यह निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसके तहत जनपद के सभी राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शैक्षणिक व प्रशासनिक स्टाफ को बिना अधोहस्ताक्षरी (DIOS) या सक्षम अधिकारी की लिखित मंजूरी के मुख्यालय न छोड़ने की सख्त हिदायत दी गई है।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि भले ही जून और जुलाई 2026 की अवधि में ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टियां) रहेगा, लेकिन इसके बावजूद किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को बिना पूर्व स्वीकृति के बाहर जाने की छूट नहीं मिलेगी। यदि किसी अत्यंत आवश्यक अथवा आकस्मिक परिस्थिति में मुख्यालय से बाहर जाना अपरिहार्य हो जाता है, तो संबंधित सक्षम अधिकारी से पहले ही लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
जून और जुलाई में प्रस्तावित हैं कई अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षाएं
विभाग द्वारा इस कड़े रुख को अख्तियार करने की मुख्य वजह का भी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है। सरकारी आदेश के अनुसार, जून 2026 एवं जुलाई 2026 के महीनों में राज्य स्तर पर कई अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन प्रस्तावित है।
इन परीक्षाओं की है तैयारी
बीएड (B.Ed.) संयुक्त प्रवेश परीक्षा
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा
जीआईसी (GIC) प्रवक्ता भर्ती परीक्षा
यूपीटीईटी (UPTET)
इन सभी बड़ी परीक्षाओं के सफल, पूरी तरह पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित संचालन में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और विद्यालयीय कर्मचारियों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर), केंद्र व्यवस्थापक एवं अन्य जरूरी प्रशासनिक दायित्वों के समयबद्ध निर्हवन के लिए इन्हीं शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाती हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
जिला विद्यालय निरीक्षक ने जारी पत्र के अंत में जिले के समस्त प्रधानाचार्यों को कड़ाई से निर्देशित किया है कि वे इस सरकारी आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएं। यदि कोई भी शिक्षक, शिक्षिका या शिक्षणेत्तर कर्मचारी बिना पूर्व लिखित अनुमति के जिला मुख्यालय से नदारद पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसी किसी भी लापरवाही की स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं की होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा यह भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कालखंड में बिना अनुमति जिला मुख्यालय छोड़ना गंभीर 'अनुशासनहीनता' की श्रेणी में माना जाएगा और इससे कतई समझौता नहीं किया जाएगा।