हालत देखने बाल सुधार गृह पहुंचे अधिकारी: बच्चों को दी पॉक्सो एक्ट की जानकारी, रसोईघर में भोजन और सफाई की भी जांच

 

चंदौली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ ने राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के खाने, सफाई और सुविधाओं का जायजा लिया, साथ ही बच्चों को पॉक्सो एक्ट और मुफ्त कानूनी मदद के बारे में भी जागरूक किया।

 
 

राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण

चंदौली के 28 किशोर अपचारी मौजूद

रसोईघर में भोजन और सफाई जांचा

पॉक्सो एक्ट 2012 पर किया जागरूक

मुफ्त कानूनी सहायता के दिए निर्देश

 जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली के अध्यक्ष के निर्देशों पर एक बड़ा कदम उठाया गया। प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह, रामनगर का जायजा लिया। इस निरीक्षण का मुख्य मकसद वहां रह रहे बच्चों की स्थिति, उनके खान-पान और अन्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत को जानना था

मौके पर मौजूद रहे कर्मचारी और अधिकारी
निरीक्षण के दौरान संप्रेक्षण गृह का पूरा स्टाफ मुस्तैद नजर आया। वहां प्रभारी अधीक्षक श्री कमलेश कुमार पांडेय, क्रीड़ा संयोजक श्री सोहन लाल और केयर टेकर श्री धर्मपाल मौजूद रहे। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री हरिनंदन, श्री बहादुर, श्री गोविंद गौतम तथा सुरक्षा में तैनात सिपाही श्री राहुल और होम गार्ड श्री राकेश शुक्ला व श्री सूर्यनारायण भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने बताया कि इस समय संप्रेक्षण गृह में चंदौली जिले के कुल 28 किशोर अपचारी रह रहे हैं।

बच्चों से सीधा संवाद, पूछीं समस्याएं
सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों से बहुत ही सरल और आत्मीय तरीके से बातचीत की। उन्होंने एक-एक बच्चे से पूछा कि उन्हें किसी तरह की परेशानी या कमी तो नहीं महसूस हो रही है। इस पर बच्चों ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्हें वहां रहने या खाने-पीने को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या या दिक्कत नहीं है।

किचन का जायजा और खाने की गुणवत्ता पर निर्देश
इसके बाद सचिव महोदया ने सीधे बाल संप्रेक्षण गृह की रसोई यानी पाकशाला का रुख किया। उन्होंने वहां पके हुए भोजन और साफ-सफाई के इंतजामों को बारीकी से देखा। प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि बच्चों को सुबह का नाश्ता और दोपहर का खाना तय किए गए मीनू के हिसाब से ही दिया जाता है। इस पर सचिव ने निर्देश दिया कि भोजन की स्वच्छता और उसकी पौष्टिकता में कभी कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

पॉक्सो एक्ट और मुफ्त कानूनी मदद का दिया मंत्र
निरीक्षण के अंत में सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों के बीच पॉक्सो एक्ट 2012 (POCSO Act 2012) की जानकारी देकर उन्हें बाल संरक्षण के कानूनी नियमों से अवगत कराया। साथ ही प्रभारी अधीक्षक को निर्देश दिए कि अगर कोई भी बच्चा मुकदमे के लिए वकील रखने में असमर्थ है, तो उसके अभिभावक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली के दफ्तर से संपर्क करके नि:शुल्क सरकारी वकील प्राप्त कर सकते हैं।