चंदौली की परियोजनाओं में हीलाहवाली जारी, ठेकेदारों को नोटिस और प्रोजेक्ट मैनेजर पर दी कार्रवाई
चंदौली में 50 लाख से अधिक की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सख्त रुख अपनाया। लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने और अनुपस्थित अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
50 लाख से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा
कार्यदायी संस्थाओं को शो-काज नोटिस जारी
UPPCL प्रोजेक्ट मैनेजर का रुका एक दिन का वेतन
नर्सिंग कॉलेज और स्पोर्ट्स स्टेडियम पर विशेष जोर
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में 50 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली निर्माण परियोजनाओं, पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स और त्वरित आर्थिक विकास कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति का आकलन करना था। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में चल रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी का सख्त तेवर देखने को मिला। समीक्षा के दौरान जब यह पाया गया कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रोजेक्ट मैनेजर बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित हैं, तो जिलाधिकारी ने तत्काल उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, क्षय रुजालय भवन निर्माण में अनावश्यक देरी और चकिया स्थित काशीराज संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में शिथिलता बरतने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को 'कारण बताओ' (शो-काज) नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है।
जानिए किसकी कसी नकेल
जिलाधिकारी ने जनपद की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कई विभागों के अफसरों को चेतावनी देकर कार्रवाई करने का फरमान सुना दिया....
1.सेतु निगम: जनपद में डी.एफ.सी.सी. (DFCC) के ऊपरगामी सेतुओं (Over-bridges) का निर्माण मानक के अनुरूप तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
2.चिकित्सा एवं शिक्षा: स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की प्रगति में तेजी लाने को कहा गया।
3.खेल विभाग: स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए ई-निविदा (E-Tender) की प्रक्रिया में यू.पी. प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. वाराणसी को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
4. बुनियादी ढांचा: सड़क निर्माण, पेयजल और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी फाइलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने की बात कही गई।
गुणवत्ता और आपसी समन्वय पर दिया जोर
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने कार्यदायी संस्थाओं को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि निर्माण की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि धरातल पर कार्यों के क्रियान्वयन में कोई तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आ रही है, तो उसे तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाएं ताकि उसका समय पर निराकरण किया जा सके। सभी संबंधित विभागों को विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट हर हाल में निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), डीसी नरेगा, अधिशासी अभियंता (निर्माण खंड), जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, उद्यान अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़ी इन योजनाओं का लाभ समय से जनता तक पहुँचना सुनिश्चित करें।