पशुपालकों के लिए बड़ी राहत: 3.16 लाख पशुओं का होगा मुफ्त टीकाकरण, जिलाधिकारी बोले- ढिलाई बर्दाश्त नहीं
चंदौली जिले में खुरपका-मुंहपका बीमारी की रोकथाम के लिए 8वें चरण का मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने 3,16,000 पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण और एनडीएलएम कार्यक्रम को सफल बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
चंदौली में खुरपका-मुंहपका टीकाकरण का 8वां चरण शुरू
22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
कुल 3 लाख 16 हजार पशुओं को लगेगा मुफ्त टीका
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने दिए शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
चंदौली जिले में पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एफ०एम०डी० (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण के आठवें चरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में बताया गया कि यह विशेष अभियान 22 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है, जो 8 सितंबर 2026 तक लगातार चलेगा।
3 लाख 16 हजार पशुओं का होगा टीकाकरण
इस पूरे अभियान के दौरान जिले के कुल 3,16,000 गोवंशीय और महिषवंशीय (गाय और भैंस वंश) पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पशुधन की सुरक्षा और किसानों-पशुपालकों की आर्थिक उन्नति जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस टीकाकरण अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव-गांव जाकर पशुपालकों को करेंगे जागरूक
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जिले के सभी पशुओं को इस घातक रोग से बचाने के लिए 8वें चरण में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। पशुपालन विभाग की टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे गांव-गांव जाकर पशुपालकों को इस बीमारी के खतरों के प्रति जागरूक करें और अभियान में तेजी लाएं। जिलाधिकारी ने रोजाना समीक्षा करने और काम में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पशुपालकों से मुख्य पशुचिकित्साधिकारी की अपील
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुशवाहा ने जिले के सभी किसानों और पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि 4 महीने से अधिक उम्र के सभी गाय और भैंस वंश के पशुओं को यह टीका लगाया जाएगा। हालांकि, 8 महीने की गर्भवती मादा पशुओं को यह टीका नहीं लगेगा। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने यह भी साफ किया कि यह पूरा टीकाकरण अभियान पशुपालकों के लिए पूरी तरह से निशुल्क (फ्री) है।