ऐसे दबोचे गए सैयदराजा विधानसभा के 3 गांवों में घरों में घुसकर उत्पाद मचाने वाले बंदर
चंदौली के तीन गांवों में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया था कि लोगों का जीना मुहाल हो गया। विधायक की पहल पर वन विभाग ने केला और चना का लालच देकर 81 बंदरों को कैसे पकड़ा, पूरी कहानी जानने के लिए यहाँ पढ़ें।
तीन गांवों अवही, सिसौडा और रैथा से पकड़े गए कुल 81 बंदर
घरों और रसोई में घुसकर सामान उठा ले जाते थे बंदरों के झुंड
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और विधायक सुशील सिंह ने की पहल
पिंजरों में केला और चना रखकर चलाया गया रातभर विशेष अभियान
चंदौली जिले की सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन गांवों के लोगों को आखिरकार बंदरों के आतंक से परसों बड़ी राहत मिल गई है। क्षेत्र के अवही, सिसौडा और रैथा गांवों में पिछले काफी समय से बंदरों ने भारी उत्पात मचा रखा था। स्थानीय विधायक सुशील सिंह की विशेष पहल पर वन विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए एक बड़ा अभियान चलाया और इन तीनों गांवों से कुल 81 बंदरों को पिंजरे में बंद कर सुरक्षित वन क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, इन गांवों में बंदरों का बड़ा झुंड आए दिन घरों में जबरन घुस जाता था और भारी नुकसान पहुंचाता था। ये बंदर सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच जाते थे और वहाँ रखी पूरी खाद्य सामग्री उठाकर ले जाते थे। इतना ही नहीं, यदि कोई ग्रामीण या महिला इनका विरोध करने की कोशिश करती थी, तो यह उन पर हिंसक हमला भी कर देते थे। इस वजह से गांव की महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में हर समय एक अजीब सा डर का माहौल बना हुआ था। बंदरों के हमलों के कारण कई लोग पहले घायल भी हो चुके थे।
केला और चना का लालच देकर ऐसे बिछाया गया जाल
जब इस समस्या से आजिज आकर ग्रामीणों ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुशील सिंह जनीली से अपनी आपबीती साझा की, तो उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने इस पूरे संकट से स्थानीय विधायक सुशील सिंह को अवगत कराया, जिसके बाद विधायक के निर्देश पर वन विभाग की एक कुशल टीम ने गांवों में अपना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रात के समय गांवों के चुनिंदा स्थानों पर बड़े-बड़े पिंजरे लगाए। इन बंदरों को रिझाने और पिंजरे के भीतर खींचने के लिए वनकर्मियों ने उनमें केला और चना डाल दिया। देर रात से शुरू हुआ यह अनोखा अभियान अगली सुबह तक लगातार चलता रहा। स्वादिष्ट भोजन के लालच में आकर एक-एक कर बंदर पिंजरे में कैद होते चले गए।
गांवों में कम हुआ डर का माहौल
वन विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे अभियान के तहत अवही गांव से 24 बंदर, सिसौडा गांव से 32 बंदर और रैथा गांव से 25 बंदरों को सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इस प्रकार कमालपुर और आसपास के क्षेत्रों से कुल 81 बंदरों को पकड़कर वन विभाग की टीम अपने साथ सुरक्षित गाड़ियों में लादकर ले गई, जिन्हें बाद में इंसानी बस्ती से दूर सुरक्षित घने जंगलों में छोड़ दिया गया।
इस सफल कार्रवाई के बाद तीनों गांवों के लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। लंबे समय के बाद ग्रामीण अपने घरों से बेखौफ होकर बाहर निकल पा रहे हैं और बच्चों ने भी गलियों में बेफिक्र होकर खेलना शुरू कर दिया है। राहत महसूस कर रहे ग्रामीणों ने इस त्वरित और जरूरी कार्रवाई के लिए अपने क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य और वन विभाग की पूरी टीम के प्रति दिल से आभार जताया है।