चंदौली में गड़ई नदी खुदाई पर बवाल: ₹500 प्रति ट्रैक्टर मिट्टी बेचने का नया वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने घेरा डीएम का काफिला
चंदौली के पड़या गांव में गड़ई नदी की खुदाई से निकली मिट्टी को ₹500 प्रति ट्रैक्टर अवैध रूप से बेचने का वीडियो वायरल हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम चंद्रमोहन गर्ग को घेरकर सबूत सौंपे, जिसके बाद जांच शुरू हो गई है।
गड़ई नदी खुदाई की मिट्टी बेचने का नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
₹500 प्रति ट्रैक्टर रसीद काटकर मिट्टी बेचने का ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप
रसीद बुक पर कथित तौर पर संतोष कुमार सिंह का नाम आया सामने
बाढ़ मॉक ड्रिल में पहुंचे जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग का ग्रामीणों ने किया घेरा
चंदौली जिले के सदर ब्लॉक के पड़या गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ गड़ई नदी की खुदाई से निकली मिट्टी की अवैध बिक्री का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि सरकारी काम की मिट्टी को बाजार में बेचा जा रहा है। अब इसी मामले से जुड़ा एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
₹500 प्रति ट्रैक्टर रसीद काटने का आरोप
वायरल हो रहे इस नए वीडियो में कथित तौर पर एक रसीद बुक दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि इस रसीद के जरिए ₹500 प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से सरकारी मिट्टी बेची जा रही है। इस रसीद पर "संतोष कुमार सिंह" का नाम भी लिखा हुआ साफ दिख रहा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गड़ई नदी से निकाली जा रही कीमती मिट्टी को रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों में लादकर मनमाने दामों पर ठिकाने लगाया जा रहा है।
नदी पुनर्जीवन के नाम पर मानकों की अनदेखी
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बाढ़ से सुरक्षा और गड़ई नदी को नया जीवन देने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। नियम के मुताबिक, इस मिट्टी का इस्तेमाल नदी के तटबंध (बांध) को मजबूत करने के लिए होना चाहिए था। लेकिन यहाँ तय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रात के समय जेसीबी मशीनें लगाकर नदी को खोदा जा रहा है और मिट्टी को बांध पर डालने के बजाय निजी हाथों में बेचा जा रहा है।
डीएम ने दिया है जांच का आश्वासन
यह पूरा मामला उस समय और ज्यादा गरमा गया जब चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग बाढ़ आपदा की मॉक ड्रिल के सिलसिले में इलाके में पहुंचे थे। मौका मिलते ही पड़या गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने डीएम के काफिले को घेर लिया। लोगों ने डीएम को मौके पर ही अवैध खनन और रसीद काटने का वायरल वीडियो दिखाया और न्याय की मांग की। डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।