चंदौली में रोजगार सेवकों का हल्ला बोल: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ADM को सौंपा ज्ञापन, दी लखनऊ घेराव की चेतावनी
चंदौली में अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों ने बिछिया धरना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। रोजगार सेवकों ने एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगें पूरी न होने पर 1 जुलाई से लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन का चंदौली में बड़ा प्रदर्शन
एडीएम को सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन
रोजगार सेवकों को सहायक सचिव पद पर समायोजित करने की मांग
न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय और ईपीएफ देने की उठी आवाज
मांगें पूरी न होने पर 1 जुलाई 2026 से विधानसभा घेराव की चेतावनी
चंदौली जिले में सोमवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी है। प्रांतीय नेतृत्व के बुलावे पर 'ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन' के बैनर तले भारी संख्या में रोजगार सेवक बिछिया स्थित धरना स्थल पर इकट्ठा हुए। यहाँ उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सभी प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित एक 10 सूत्री ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
सालों से काम, पर नहीं मिला हक
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल यादव के नेतृत्व में जुटे रोजगार सेवकों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे साल 2006 से मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर लगातार काम कर रहे हैं। इतने साल बीत जाने के बाद भी उन्हें आज तक न तो नियमित मानदेय मिला, न सामाजिक सुरक्षा और न ही अन्य जरूरी सुविधाएं दी गईं। रोजगार सेवकों का कहना है कि वे ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, लेकिन उनके साथ लगातार अनदेखी की जा रही है।
राज्य कर्मचारी का दर्जा और 24 हजार मानदेय की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों के मुकाबले सिर्फ 15 हजार ग्राम पंचायत अधिकारी ही ड्यूटी पर हैं, जिससे गांवों के विकास कार्य पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में ग्राम रोजगार सेवकों को सहायक सचिव या ग्राम विकास सहायक के पद पर सीधे समायोजित किया जाए और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि उनका मासिक मानदेय कम से कम 24 हजार रुपये किया जाए, पुराना बकाया तुरंत दिया जाए और ईपीएफ, स्वास्थ्य बीमा व मेडिकल लीव जैसी बुनियादी सुविधाएं लागू की जाएं।
घोषणा के 5 साल बाद भी कार्रवाई नहीं
रोजगार सेवकों ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में उनके हित में कई घोषणाएं की थीं। लेकिन आज पूरे पांच साल बीत जाने के बाद भी शासन स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे सभी कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
1 जुलाई से लखनऊ घेरने की दी चेतावनी
जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल यादव ने साफ लहजे में सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी जायज मांगों का हल नहीं निकाला, तो आने वाली 1 जुलाई 2026 से (प्रस्तावित वीवीजी राम जी योजना लागू होने के दिन) प्रदेश भर के रोजगार सेवक लखनऊ कूच करेंगे। वहां विधानसभा सहित सभी बड़े सरकारी दफ्तरों का घेराव कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस बड़े प्रदर्शन के दौरान महासचिव रवि प्रकाश पांडेय, संतोष, पवन, भोलानाथ, मनोज गुप्ता, दिनेश बृजेश, रामौतार, धर्मवीर, सुभाष और इम्तियाज सहित भारी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।