चंदौली में ताल-तलैया बना जिला अस्पताल परिसर: घुटने भर पानी में बने पर्ची काउंटर, सीएमओ दफ्तर में घुसा पानी, मरीज परेशान
चंदौली में दो दिनों से जारी बारिश ने नाला सफाई के दावों की पोल खोल दी है। जिला अस्पताल परिसर जलमग्न हो गया है और पर्ची काउंटर के पास पानी भरने से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
दो दिनों की बारिश से जलभराव
ताल-तलैया बना जिला अस्पताल परिसर
पर्ची काउंटर के पास भरा पानी
सीएमओ दफ्तर में घुसा बारिश पानी
खेतों में जलजमाव से किसान चिंतित
चंदौली जनपद में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश ने नगर निकायों और जिम्मेदार विभागों की नाला सफाई व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जम जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चंदौली में ताल-तलैया बना जिला अस्पताल परिसर: घुटने भर पानी में बने पर्ची काउंटर, सीएमओ दफ्तर में घुसा पानी, मरीज परेशान#chandauli #chandaulinews #chandaulisamachar #Chandaulilive #चंदौलीसमाचार #चंदौली #चंदौलीन्यूज pic.twitter.com/DcZwfnLkni
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) August 26, 2026
जिला अस्पताल और पर्ची काउंटर परिसर जलमग्न
बारिश के कारण सबसे खराब स्थिति पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर की देखने को मिली, जो पूरी तरह पानी से लबालब भरकर ताल-तलैया में तब्दील हो गया है। अस्पताल के पर्ची काउंटर के चारों ओर पानी जमा हो जाने से मरीजों और उनके तीमारदारों को घुटनों तक पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालांकि, बुधवार को अवकाश का दिन होने के कारण मरीजों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, जिससे एक बड़ी अव्यवस्था टल गई।
सीएमओ कार्यालय प्रभावित, स्थायी समाधान की मांग
बारिश की मार केवल अस्पताल तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में भी पानी घुस गया, जिससे कार्यालयीन काम और कर्मचारी प्रभावित हुए। अस्पताल में आए दिव्यांग मरीज के अटेंडेंट छब्बन यादव ने बताया कि जलभराव से मरीजों को भारी दिक्कतें हो रही हैं और प्रशासन को यहां जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ी
शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी तेज बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कई गांवों में खेतों के अंदर पानी भर जाने से धान और अन्य खरीफ फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा और जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा।
प्रशासन जुटा निकासी में, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने दी जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सालय प्रशासन तत्काल पानी निकालने के इंतजामों में जुट गया है। इस संबंध में बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अमित सिंह ने बताया कि परिसर में जलजमाव के कारण पर्ची काउंटर के आसपास पानी भरा है, जिससे परेशानी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है और स्थिति पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।