चंदौली में कौन करवा रहा है 'रॉयल ताल' अवैध खनन: माफियाओं का तांडव और जान से मारने की धमकी पर हुयी शिकायत
चंदौली के सैयदराजा में अवैध खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद विवादित 'रॉयल ताल' की जमीन पर रातभर डंपर और जेसीबी गर्ज रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर अब प्रशासन ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं।
बरंगा गांव में अवैध खनन का काला कारोबार
विवादित रॉयल ताल की मिट्टी बेच रहे माफिया
विरोध करने पर ग्रामीणों को दी जा रही धमकी
जिलाधिकारी से ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार
खनन विभाग के दो अधिकारियों पर उठे सवाल
चंदौली जनपद में अवैध खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सैयदराजा थाना क्षेत्र के बरंगा गांव से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने खनन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जिले के खनन विभाग में दो-दो अधिकारियों की तैनाती के बावजूद दबंगों द्वारा 'रॉयल ताल' की विवादित जमीन पर खुलेआम जेसीबी और डंपर चलाकर मिट्टी की चोरी की जा रही है।
रात के अंधेरे में माफियाओं का खेल
बरंगा गांव के निवासियों का आरोप है कि गांव के 'रॉयल ताल' की जमीन, जिसे ताल घोषित किया जा चुका है और जिसका मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित है, पर अवैध खनन किया जा रहा है। माफिया रात के अंधेरे में भारी मशीनों के साथ पहुंचते हैं और सुबह होने से पहले सैकड़ों डंपर मिट्टी ठिकाने लगा देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब प्रशासनिक मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।
विरोध करने पर मिल रही है जान से मारने की धमकी
पूर्व प्रधान छोटू राम ने बताया कि जब गांव के लोगों ने एकजुट होकर इस अवैध कार्य को रोकने का प्रयास किया, तो खनन माफियाओं ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। माफिया प्रशासनिक संरक्षण का दावा करते हुए ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस खौफ के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
समाधान दिवस पर जिलाधिकारी का सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने समाधान दिवस पर जिलाधिकारी से मुलाकात की और उन्हें लिखित शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित खनन अधिकारी को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने और अवैध खनन की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
पर्यावरण और खेती को बड़ा नुकसान
अवैध खनन के कारण न केवल न्यायालय के आदेशों की अवहेलना हो रही है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही है। मनमाने ढंग से की जा रही खुदाई से आसपास की कृषि योग्य भूमि का जलस्तर और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। फिलहाल ग्रामीणों को प्रशासन के हस्तक्षेप का इंतजार है, ताकि उनकी जमीन और शांति बहाल हो सके।