अफसरों के ठेंगे पर किसान, मीटिंग बुलाकर नदारद रहने पर भड़के किसान, किसान दिवस का किया बहिष्कार
जिला किसान दिवस में अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में मनाने पर किसान माने और धान खरीद समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
जिला किसान दिवस में किसानों का हंगामा
सिंचाई और विद्युत विभाग के अधिकारी नदारद
धान खरीद केंद्र बढ़ाने की जोरदार मांग
कर्मनाशा सिस्टम नहरों में पानी की मांग
आज आयोजित जिला किसान दिवस कार्यक्रम में उस समय हंगामा मच गया जब किसानों को बैठक में कोई भी आला अधिकारी नजर नहीं आया। स्थिति यह थी कि जिलाधिकारी समेत सिंचाई विभाग, विपणन विभाग, बंधी डिवीजन और विद्युत विभाग का कोई भी सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं था। किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सवाल उठाया कि जब विभाग के बड़े अधिकारी ही गायब हैं, तो वे अपनी शिकायतें और समस्याएं आखिर किसके सामने दर्ज कराएंगे। इसी बात से नाराज होकर किसानों ने किसान दिवस का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया और मीटिंग हॉल से बाहर चले गए।
कृषि अधिकारियों के समझाने पर माने किसान
हंगामे की सूचना मिलते ही जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद यादव मौके पर पहुंचे और नाराज किसानों को काफी समझाया-बुझाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ और वे वापस जिला कलेक्टर के मीटिंग हॉल में लौटे। इसके बाद उप कृषि निदेशक भीमसेन ने पिछली बैठक की कार्रवाई की समीक्षा के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। अपर जिलाधिकारी न्यायिक रतन वर्मा ने इस पूरी बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे किसान नेता वीरेंद्र सिंह पूरे आठ महीने बाद किसान दिवस में पहुंचे, जिन्हें देखकर सभी ने हौसला बढ़ाया और उन्होंने अधिकारियों व किसानों को कृषि समस्याओं के समाधान के लिए लगन से काम करने का संदेश दिया।
नहरों के टेल तक पानी और धान खरीद केंद्र बढ़ाने की मांग
बैठक के दौरान किसानों ने प्रमुखता से अपनी समस्याएं रखीं और कई मांगें उठाईं। किसानों ने कर्मनाशा सिस्टम और मूसाखांड़ डिवीजन की नहरों के टेल तक समय पर पानी पहुंचाने की पुरजोर मांग की। किसान विकास मंच के अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय और रतन सिंह ने क्षेत्र में मार्केटिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाने की बात कही। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने तर्क दिया कि नौगढ़, मुगलसराय, रामनगर और चहनियां की तुलना में शहाबगंज ब्लॉक में धान की उत्पादकता काफी अधिक है, इसलिए वहां क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके अलावा सभी किसान संगठनों ने धान खरीद के रजिस्ट्रेशन और खरीद की लिमिट में आ रही विसंगतियों को दूर करने की जोरदार मांग की।
समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर समाप्त हुई बैठक
किसानों की समस्याओं और मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी रतन वर्मा ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 4 करोड़ 98 लाख रुपए किसानों के खातों में वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों का भुगतान अभी बकाया है, वह केवल इसलिए रुका है क्योंकि उनके दस्तावेजों में कुछ त्रुटियां हैं। दोपहर करीब 3:00 बजे यह बैठक शांतिपूर्ण माहौल में समाप्त हुई। जिले के कोने-कोने से आए किसान प्रतिनिधियों और किसानों के साथ इस कार्यक्रम में कृषि अधिकारी डॉ. विनोद यादव, उप कृषि निदेशक भीमसेन, गोपाल सिंह, पारसनाथ विश्वकर्मा, दीनानाथ श्रीवास्तव, राम अवध सिंह, रबींद्रनाथ सिंह, शेषनाथ यादव और जितेंद्र तिवारी सहित कई लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे।