एमडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर कार्यक्रम, नाटकों और भाषणों से दिया जागरूकता का संदेश

एमडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस धूमधाम से मनाया गया। दीप प्रज्वलन, नुक्कड़ नाटक और भाषणों के जरिए छात्रों ने मानसिक सेहत, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाने का जोरदार संदेश दिया।

 

एमडी कॉलेज फार्मेसी मानसिक स्वास्थ्य दिवस

नाटकों और भाषणों से जागरूकता अभियान

डॉ बी के वर्मा ने दिया संदेश

तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच टिप्स

चंदौली में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम

चंदौली के एमडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर एक शानदार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बी.के. वर्मा ने पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलित करके की। कार्यक्रम का मुख्य मकसद विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और तनाव से दूर रहने के तरीके सिखाना रहा।

नाटकों और भाषणों से छात्रों ने जीता दिल
कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य पर एक संवेगात्मक नाटक प्रस्तुत किया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा, छात्र-छात्राओं ने भाषण के जरिए मानसिक सेहत की अहमियत बताई। छात्रों ने अपनी बातों से यह संदेश दिया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों और फैकल्टी ने बढ़ाया हौसला
इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध मानसिक चिकित्सक डॉ. अजय सिंह, डॉ. नितेश सिंह और राम मनोहर तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही कॉलेज के फार्मेसी प्रिंसिपल अजीत कुमार सिंह भी मंच पर मौजूद रहे। शिक्षकों में अमित कुमार, याशमीन खान, धर्मेंद्र चौहान, सुशील कुमार, दिलीप और रिंकू समेत कॉलेज के पूरे स्टाफ ने अपनी उपस्थिति से छात्रों का उत्साह बढ़ाया।

शारीरिक और मानसिक सेहत दोनों जरूरी
संबोधन के दौरान चेयरमैन डॉ. बी.के. वर्मा ने कहा कि शारीरिक सेहत की तरह ही मानसिक सेहत भी हमारी जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने और हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। डॉ. वर्मा ने जोर देकर कहा कि जब कोई व्यक्ति मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होता है, तभी वह जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।

तनाव प्रबंधन और विशेषज्ञों की मदद पर जोर
कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को सही तरीके से समझने और दिमागी तनाव से निपटने के गुर सिखाए गए। विशेषज्ञों ने छात्रों को सलाह दी कि जब भी कभी कोई मानसिक परेशानी या भारी तनाव महसूस हो, तो झिझकने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल के साथ इस कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।