चंदौली मेडिकल कॉलेज में बड़ी सौगात: 30 सेकंड में मिलेगी एक्स-रे रिपोर्ट, 24 घंटे में 120 मरीजों का होगा डायलिसिस

 

चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन और 10 नई डायलिसिस मशीनों का शुभारंभ हुआ। अब मरीजों को महज 30 सेकंड में एक्स-रे रिपोर्ट मिलेगी और रोजाना 120 मरीज डायलिसिस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

 
 

चंदौली मेडिकल कॉलेज में नई सुविधाएं

30 सेकंड में डिजिटल एक्स-रे रिपोर्ट

10 नई डायलिसिस मशीनों का शुभारंभ

24 घंटे में 120 मरीजों का इलाज

चंदौली जिले के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार किया गया। अस्पताल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन तथा विस्तारित डायलिसिस सेंटर का भव्य शुभारंभ हुआ। इस नई सुविधा का औपचारिक उद्घाटन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह, उप-प्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों (एचओडी) ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

अब हर दिन 120 मरीजों का हो सकेगा डायलिसिस
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डायलिसिस सेंटर में 10 नई आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। इन नई मशीनों के जुड़ने के बाद अब अस्पताल में 24 घंटे की अवधि के भीतर रोजाना लगभग 120 मरीजों का डायलिसिस किया जाना संभव होगा। इस व्यवस्था से किडनी की बीमारी से जूझ रहे गंभीर मरीजों को लंबी वेटिंग लिस्ट और लंबे इंतजार से बड़ी राहत मिलेगी तथा समय पर उनका उपचार शुरू हो सकेगा।

मात्र 30 सेकंड में मिलेगी एक्स-रे की डिजिटल फिल्म
इसके साथ ही अस्पताल में दो अत्याधुनिक डिजिटल डीआर (डिजिटल रेडियोग्राफी) एक्स-रे मशीनों की शुरुआत भी की गई है। इस मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मरीज को एक्स-रे कराने के मात्र 30 सेकंड के भीतर फिल्म उपलब्ध करा दी जाएगी। आने वाले समय में यह रिपोर्ट सीधे डॉक्टरों के पास डिजिटल माध्यम से पहुँच सकेगी, जिससे मरीजों की बीमारी की पहचान और इलाज बिना किसी देरी के त्वरित गति से हो सकेगा।

पूर्वांचल का पहला ऐसा अत्याधुनिक सेंटर बना चंदौली
मशीन के टेक्नीशियन ने बताया कि चंदौली में लगाई गई यह डिजिटल एक्स-रे तकनीक पूर्वांचल की पहली ऐसी प्रणाली है। वर्तमान में इस श्रेणी की आधुनिक मशीनें केवल लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज के बड़े मेडिकल कॉलेजों में ही काम कर रही हैं, जबकि बीएचयू में भी इसे जल्द स्थापित करने की योजना है। इस तकनीक की मदद से डॉक्टरों को बेहद सटीक और स्पष्ट इमेज मिलती है, जिससे गंभीर मामलों में सही निर्णय लेने में आसानी होती है।

स्थानीय और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह और उप-प्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल ने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से न केवल चंदौली जिले के लोगों को, बल्कि आसपास के जनपदों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी उच्चस्तरीय और त्वरित चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले की चिकित्सा व्यवस्था के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि माना है।