ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, कॉलेजों, कस्बों में घूम रही एंटी-रोमियो टीम, ऐसे चल रहा मिशन शक्ति

कार्यक्रम के दौरान, एंटी-रोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
 

महिला सुरक्षा और स्वावलंबन हेतु सरकारी पहल

पुलिस का मिशन शक्ति के पहल विशेष अभियान जारी

सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण कानूनों की दी जा रही जानकारी

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप और पुलिस अधीक्षक (एसपी)  आदित्य लांग्हे के निर्देशन में, जिले के सभी थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए "मिशन शक्ति" विशेष अभियान (फेज-5.0) के तहत व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना है।

जिले के विभिन्न थानों की एंटी-रोमियो टीमों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, कॉलेजों, कस्बों और यहां तक कि दुर्गा पूजा पंडालों एवं कोचिंग सेंटरों में चौपाल और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण पर चर्चा की गई और उन्हें जागरूक किया गया।

सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान, एंटी-रोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेन्टर, 181 महिला हेल्पलाइन, और निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित पेंशन योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, प्रदेश में स्थापित महिला शरणालय, शक्ति सदन व सखी निवास जैसी सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।

 

  • महिलाओं और बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने वाले प्रमुख कानूनों के प्रावधानों के बारे में भी आमजन को जागरूक किया गया:
  • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005
  • कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013
  • दहेज निषेध अधिनियम, 1961 (संशोधित 1986)
  • गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994

 

इसके साथ ही, थाना स्तर पर हाल ही में स्थापित मिशन शक्ति केन्द्र के कार्य, उद्देश्य और वहाँ उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस का यह प्रयास महिलाओं और बालिकाओं के साथ जुड़कर उन्हें एक सशक्त और सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।